Farmers Rail Roko Protest: किसानों का पंजाब में रेल रोको आंदोलन शुरू हो गया है. पंजाब के बरनाला रेलवे स्टेशन पहुंचे किसानों ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की सीमा पर किसानों के साथ पुलिस के बर्बर व्यवहार के बाद हमने आज रेल रोकने का फैसला लिया था.
बरनाला रेलवे स्टेशन पर पहुंचे किसान रेल की पटरियों पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की. रेल रोको आंदोलन में शामिल होने वाले किसान बीकेयू उगराहां और बीकेयू डकौंडा (धनेर गुट) गुट से संबंध रखते हैं, जिन्होंने प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों को अपना समर्थन दिया है.
#WATCH | Punjab: Protesters from Rajpura, Patiala are sitting on rail tracks and blocking trains at Rajpura Railway Station. pic.twitter.com/y4ffdC4LBz
— ANI (@ANI) February 15, 2024Also Read
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रेल रोको आंदोलन में शामिल किसानों ने कहा कि गुरुवार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक पंजाब में रेल रोकी जाएगी. किसानों ने बताया कि बरनाला के अलावा, पंजाब में अन्य 9 जगहों पर रेल रोको आंदोलन चलाया जा रहा है.
पंजाब में रेल रोको के बीच दो ट्रेनें रद्द, छह का मार्ग बदल दिया गया है. अंबाला रेलवे मंडल के सीनियर मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक नवीन कुमार ने कहा कि पंजाब में रेल रोको के मद्देनजर मंडल में दो ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि छह ट्रेनों को लुधियाना-साहनेवाल-चंडीगढ़ मार्ग से चलाने के लिए डायवर्ट किया गया है, जबकि दो को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है. उन्होंने कहा, प्रभावित होने वालों में कोई शताब्दी या वंदे भारत ट्रेन शामिल नहीं है.
पंजाब में किसानों के ट्रेन रोको आंदोलन का सीधा असर पंजाब, दिल्ली और हरियाणा समेत अन्य राज्यों से आने-जाने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक, बरनाला रेलवे स्टेशन के अलावा किसान लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब और मोगा में ट्रेन रोकने पहुंचे हैं.
रेल रोको आंदोलन के खत्म होने के एक घंटे बाद यानी शाम 5 बजे से चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों और किसानों के बीच बातचीत भी होगी. बातचीत में MSP अहम मुद्दा रहेगा. बुधवार शाम को किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक सरवन सिंह पंढेर और भारतीय किसान यूनियन (एकता सिधुपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि उन्होंने शंभू सीमा पर प्रदर्शनकारियों से पूछा कि क्या उन्हें दिल्ली की ओर बढ़ना चाहिए या बातचीत के लिए मेज पर लौटना चाहिए.
दल्लेवाल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमें बातचीत के जरिए समाधान तलाशना चाहिए. इसके बाद हमलोगों ने गुरुवार को यानी आज केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय के साथ तीसरे दौर के बातचीत के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया. बता दें कि इससे पहले 8 और 12 फरवरी को किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच बातचीत हुई थी, जो बेनतीजा रही थी.