केंद्र सरकार कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार का उद्देश्य बीमित कर्मचारियों और उनके आश्रितों को अधिक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इस नई पहल के तहत निजी क्षेत्र के चुनिंदा अस्पतालों को भी ESIC नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.
दिल्ली में आयोजित FICCI-AIOE ग्लोबल इंडस्ट्रियल रिलेशंस समिट को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जो निजी अस्पताल बेहतर और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, उन्हें ESIC अस्पताल के रूप में मान्यता दी जाएगी. इससे ESIC कार्डधारकों को केवल सरकारी अस्पतालों या ESIC डिस्पेंसरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे निजी अस्पतालों में भी उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे.
वर्तमान में ESIC देशभर में अपने अस्पतालों और डिस्पेंसरी के माध्यम से करोड़ों बीमित कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों के पास इलाज के अधिक विकल्प होंगे. इससे विशेष उपचार, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा.
मंडाविया ने कहा कि इस बदलाव को लागू करने से पहले सरकार सभी संबंधित पक्षों के सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी. उनका कहना था कि उद्योग जगत, अस्पतालों और अन्य हितधारकों के सुझावों के आधार पर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे बीमाधारकों को अधिकतम लाभ मिल सके और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर हो.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का दायरा लगातार विस्तार कर रहा है. उनके अनुसार, वर्तमान में देश की लगभग 101 करोड़ आबादी, यानी करीब 68.8 प्रतिशत लोग, किसी न किसी सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के अंतर्गत आते हैं. सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस दायरे को और व्यापक बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निजी अस्पतालों को ESIC नेटवर्क से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाता है, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं का बोझ संतुलित होगा और मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा. सरकार का यह कदम कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक सुलभ, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.