Escape tunnel found at home Bengal fraudster: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में हाल ही में सामने आए नकली सोने के धंधे और उसके बाद हुई हिंसक घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं. इस मामले ने न केवल पुलिस की क्षमता पर सवाल उठाए हैं बल्कि क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते प्रभाव को भी उजागर किया है.
घटनाक्रम की शुरुआत एक नकली सोने के सौदे से हुई. सद्दाम सरदार नामक व्यक्ति ने नादिया जिले के एक व्यक्ति को 12 लाख रुपये में नकली सोने की मूर्ति बेचने का प्रयास किया. इस धोखाधड़ी का पता चलने पर पुलिस ने सद्दाम को गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों की भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया और सद्दाम को छुड़ा लिया. इस हिंसक घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए.
इसके बाद की जांच में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. पुलिस ने सद्दाम सरदार को गिरफ्तार कर लिया और उसके साथ ही स्थानीय सीपीएम नेता मान्नान खान को भी गिरफ्तार किया. आरोप है कि मान्नान खान ने सद्दाम को अपने मछली पालन केंद्र में शरण दी थी. सद्दाम के खिलाफ सात से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं और वह एक संगठित गिरोह का सरगना बताया जा रहा है.
पुलिस ने सद्दाम के घर तलाशी लेने पर एक सुरंग भी पाई है, जिससे संदेह पैदा हुआ है कि वह भागने की योजना बना रहा था. इसके अलावा, सद्दाम की पत्नी और उसके भाई की पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया है.
यह मामला कई स्तरों पर चिंता पैदा करता है. पहला, यह नकली सोने के धंधे का एक बड़ा नेटवर्क उजागर करता है, जिसमें स्थानीय राजनेता भी शामिल हैं. दूसरा, यह पुलिस की सुरक्षा और प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है, क्योंकि एक आरोपी को भीड़ के सामने से छुड़ा लिया गया. तीसरा, यह क्षेत्र में बढ़ते अपराध और राजनीतिक गुंडागर्दी की ओर इशारा करता है.
इस घटना ने न केवल प्रभावित परिवारों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक खतरे की घंटी बजाई है. यह आवश्यक है कि पुलिस इस मामले की गहन जांच करे और इसके पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करे. साथ ही, राज्य सरकार को भी ऐसे अपराधों पर कड़ी कार्रवाई करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे.