नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम के कुछ नेताओं ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाने की बात कही है. इस पर AIADMK महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा कि विजय चाहें तो अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं. दूसरी ओर, सहयोगी दलों के बयानों से भी राजनीतिक समीकरणों में हलचल दिख रही है.
एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने विजय को प्रधानमंत्री बनाने की मांग पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह चाहें तो अमेरिका के राष्ट्रपति बन सकते हैं और डोनल्ड ट्रंप की जगह भी ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह संबंधित व्यक्ति की इच्छा का मामला है. उनके मुताबिक विजय भारत के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री बनने की इच्छा भी रख सकते हैं. ईपीएस ने इसी बहाने विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर निशाना साधा.
पलानीस्वामी ने तमिलनाडु की मौजूदा सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सोशल मीडिया पर रील्स के जरिए चलाने की कोशिश हो रही है. उनका कहना था कि राज्य की राजनीति और प्रशासन से जुड़े काम केवल प्रचार या सोशल मीडिया गतिविधियों से नहीं चल सकते. उन्होंने तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि हाल के समय में हत्या, लूट और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं.
विजय को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाने की चर्चा उनकी पार्टी के नेताओं आधव अर्जुन और सरथकुमार के बयानों के बाद तेज हुई. दोनों ने सार्वजनिक रूप से विजय को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की बात कही. इसके बाद तूतीकोरिन में विजय के समर्थन में पोस्टर भी सामने आए. इससे तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ी और सहयोगी दलों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं आने लगीं.
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने विजय को प्रधानमंत्री बनाने की मांग को खारिज करते हुए इसे प्रशंसकों की सोच बताया. कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया कि यदि टीवीके राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर स्वीकार नहीं करती है, तो कांग्रेस कोटे के मंत्री राज्य सरकार से इस्तीफा दे सकते हैं. इस बयान ने संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर बहस और तेज कर दी है.
टीवीके के सहयोगी दल MDMK के प्रमुख वाइको ने भी इस मांग पर सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि विजय खुद प्रधानमंत्री बनने को लेकर ऐसी कोई इच्छा रखते हैं. वाइको ने नेताओं से सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान देने से बचने को कहा, जिनसे गठबंधन के भीतर अनावश्यक विवाद पैदा हो. फिलहाल विजय ने खुद प्रधानमंत्री पद की इस मांग पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.