चंडीगढ़: जालंधर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया गया है. सीआईए स्टाफ ने कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से कुल 34 किलो 500 ग्राम चरस मिली है. कार्रवाई पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देश पर की गई. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के जरिए अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नशे की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक, 28 अगस्त को सीआईए टीम ने दकोहा निवासी देव आनंद उर्फ नंदा को काले लिफाफे के साथ पकड़ा. तलाशी में उसके पास से 1 किलो 500 ग्राम चरस बरामद हुई. इसके बाद थाना रामा मंडी में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो कथित नेटवर्क से जुड़े दो अन्य लोगों के नाम सामने आए.
पुलिस का कहना है कि देव आनंद से पूछताछ के दौरान टांडा निवासी बुद्ध बहादुर और नेपाल निवासी सुरयारती उर्फ हिमरती के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद दोनों को मामले में नामजद किया गया और एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 जोड़ी गई. पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया. उनके कब्जे से कुल 33 किलो चरस बरामद होने की बात कही गई है.
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों से बरामद चरस की कुल मात्रा 34 किलो 500 ग्राम है. इस बरामदगी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी मात्रा में चरस कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, देव आनंद उर्फ नंदा के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं. वहीं बुद्ध बहादुर और सुरयारती उर्फ हिमरती के खिलाफ फिलहाल कोई पुराना आपराधिक मामला दर्ज नहीं मिला है. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है. अधिकारियों की नजर नशे की सप्लाई की पूरी श्रृंखला पर है.
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि चरस की सप्लाई का स्रोत क्या था और इसके पीछे कौन लोग काम कर रहे थे. पुलिस ने इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा बताया है. फिलहाल बरामदगी और आरोपियों से जुड़ी जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.