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'जब बाबरी गिराया गया, मैं वहां था, मुझे कारसेवक होने पर गर्व', राम मंदिर से जुड़े सवाल पर बोले देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राम मंदिर से जुड़े एक सवाल पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब विवादित ढांचा (बाबरी मस्जिद) गिराया गया, तब मैं वहीं था. उन्होंने कहा कि मुझे राम मंदिर आंदोलन से जुड़ने और कारसेवक होने पर गर्व है.

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Om Pratap
Devendra fadnavis babri structure karsevak ayodhya ram mandir

हाइलाइट्स

  • फडणवीस बोले- मैंने बदायूं जेल में कुछ दिन गुजारे
  • डिप्टी सीएम बोले- मैंने तीन बार कारसेवा की है

Devendra fadnavis babri structure karsevak ayodhya ram mandir: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राम मंदिर से जुड़े एक सवाल पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 6 दिसंबर 1992 को जब विवादित ढांचा (बाबरी मस्जिद) गिराई गई, तब मैं वहीं मौजूद था. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़ने और कारसेवक होने पर मुझे गर्व है. 

दरअसल, मंगलवार को पत्रकारों ने देवेंद्र फडणवीस से पूछा कि विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर उद्घाटन का इस्तेमाल भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है. इस सवाल के जवाब में फडणवीस ने ये बातें कही. उन्होंने ये भी कहा कि जो भी शख्स भगवान राम में विश्वास करता है, वो राम मंदिर उद्घाटन में शामिल हो सकता है. 

डिप्टी सीएम बोले- मैंने तीन बार कारसेवा की है

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने कहा कि मैंने तीन बार कारसेवा (कार शब्द कार्य से बना है. मतलब, काम करने के भाव को कार कहते हैं. वहीं, कर का अर्थ, हाथ होता है यानी हाथों से सेवा करना कार सेवा कहलाता है.) में भाग लिया था. उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है, अभिमान है, गर्व है. फडणवीस ने ये भी कहा कि जब कार सेवा तेजी से की जा रही थी, तब कुछ लोग घरों में छिपे थे, ऐसे लोगों ने कभी कारसेवा नहीं की.  

फडणवीस बोले- मैंने बदायूं जेल में कुछ दिन गुजारे

डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विवादित ढांचे के ढहाए जाने के बाद मैंने कुछ दिन बदायूं जेल में गुजारे थे. उन्होंने कहा कि राम मंदिर उद्घाटन वाले दिन यानी 22 जनवरी को भारत के हर मंदिर में उत्सव मनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश में 500 साल के संघर्ष के बाद भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है. अब देश के कुछ लोगों को मतभेदों को भुलाकर राम नाम का जाप करना चाहिए. आखिर में उन्होंने ये भी कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना अच्छी बात नहीं है.