राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. प्रदर्शन के दौरान पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमले के आरोप में कनॉट प्लेस तथा पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं.
पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस के अनुसार सोमवार को कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए. भीड़ ने पुलिस वाहनों पर पथराव किया और कई सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की. इसके अलावा जनपथ इलाके में मौजूद कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया. इस मामले में कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में भी हिंसा से जुड़ा अलग मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दंगा करने, कानून व्यवस्था बाधित करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने जैसे आरोप शामिल किए हैं. जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही हैं.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की चेतावनियों और निर्देशों की अनदेखी करते हुए क्षेत्र में लागू भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 का उल्लंघन किया. हिंसा और झड़प के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए. घायलों में स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, एडिशनल सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं. कई महिला पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं.
पुलिस का आरोप है कि भीड़ ने 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने के साथ सार्वजनिक संपत्तियों को भी क्षति पहुंचाई. मौके से करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हिंसा में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सके.