उत्तराखंड सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार का व्यापक रोडमैप तैयार किया है. सरकार अग्निवीर रोजगार सेल का गठन कर रही है, जिसके माध्यम से पूर्व अग्निवीरों को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. इस पहल का उद्देश्य सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को नई नौकरी और बेहतर करियर से जोड़ना है.
सरकार ने 50 से अधिक ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है, जहां अग्निवीरों को रोजगार दिलाया जा सकता है. इनमें आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, आधारभूत संरचना, कृषि, खेल और अन्य सेवा क्षेत्र शामिल हैं. सरकार का मानना है कि सेना में मिले अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी प्रशिक्षण का इन क्षेत्रों में प्रभावी उपयोग किया जा सकता है.
प्रस्तावित अग्निवीर रोजगार सेल केवल नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं रहेगा. सबसे पहले प्रत्येक अग्निवीर की योग्यता, रुचि और सेना के दौरान हासिल किए गए अनुभव का मूल्यांकन किया जाएगा. इसके बाद उन्हें सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों में उपलब्ध अवसरों से जोड़ा जाएगा. जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त कौशल की आवश्यकता होगी, वहां अल्पकालिक कैप्सूल कोर्स भी कराए जाएंगे ताकि अग्निवीर बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकें.
राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि उत्तराखंड सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है. अब रोजगार सेल के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 17 जुलाई को देहरादून के कुआंवाला में आयोजित युवा अग्निवीर संवाद कार्यक्रम के दौरान अग्निवीर रोजगार सेल बनाने की घोषणा की थी. अब सरकार इस योजना को तेजी से लागू करने की दिशा में काम कर रही है. इसके संचालन की जिम्मेदारी कर्नल अजय कोठियाल को सौंपी गई है.
सरकार का लक्ष्य है कि 31 दिसंबर को चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले करीब 1200 अग्निवीरों के पहले बैच के आने से पहले रोजगार सेल पूरी तरह सक्रिय हो जाए. कर्नल अजय कोठियाल ने दावा किया कि सरकार की कोशिश है कि लौटने वाले प्रत्येक अग्निवीर को बिना देरी रोजगार, करियर मार्गदर्शन और कौशल उन्नयन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए. इसके साथ ही सरकार ने अग्निवीरों को 100 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी रखा है.