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न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल का मालिक गिरफ्तार, अग्निकांड की होगी मजिस्ट्रेट जांच

दिल्ली पुलिस ने रविवार को पूर्वी दिल्ली के  न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है. शनिवार की रात को इस अस्पताल में आग लग गई थी जिसमें जलकर 7 नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी.

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 New Born Baby Care Hospital
Courtesy: social media

दिल्ली पुलिस ने रविवार को पूर्वी दिल्ली के न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व और मंडल आयुक्त डीडीएमए अश्विनी कुमार ने शहादरा के जिला मजिस्ट्रेट और जिला प्रबंधन प्राधिकरण को इस हादसे की जांच करने का निर्देश दिया है.

 शनिवार की रात को इस अस्पताल में आग लग गई थी जिसमें जलकर 7 नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी. आग लगने के बाद अस्पताल का मालिक फरार हो गया था. दिल्ली दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक,  विवेक विहार स्थित न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल में शनिवार की रात करीब 11:30 बजे आग लगी थी. हालांकि आग लगने का कारण अभी तक सामने नहीं आया है.

आरोपी की पहचान डॉ. नवीन खीची के तौर पर हुई है. बताया जा रहा है कि उसके और भी कई अस्पताल हैं जहां बच्चों का इलाज होता था.

LG ने दिये विभागीय जांच के आदेश
इसी बीच दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. 

रेस्क्यू किए गए बच्चों का फ्री में किया जा रहा इलाज

वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि हादसे में बचाए गए बच्चों का फरिश्ते स्कीम के तहत दिल्ली के टॉप प्राइवेट अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है. 

रविवार को एक और आग हादसा, 3 लोगों की मौत

शनिवार को अस्पताल में आग लगने की इस घटना के बाद दिल्ली में रविवार को आग लगने की एक और घटना हुई जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. रविवार को पूर्वी  दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में एक आवासीय इमारत में आग लग गई, जिसमें झुलसकर तीन लोगों की मौत हो गई.

एक के बाद एक आग के तीन हादसे
इससे पहले गुजरात के राजकोट में एक गेम जोन में भीषण आग लग गई. इस भीषण आग ने 27 लोगों को मौत की नींद सुला दिया. मरने वालों में 9 बच्चे भी शामिल थे. शुरुआती जांच में पता चला है कि गेम जोन को अवैध तरीके से चलाया जा रहा था. स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत भी की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.