दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी ने पुराने राजेंद्र नगर के Rau's IAS कोचिंग सेंटर में हुए हादसे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अहम जानकारी दी है. बुधवार को उन्होंने कहा है उस इलाके में ज्यादातर लोगों ने नालों का अतिक्रमण किया है, जिसकी वजह से नाले संकीर्ण हो गए है. नालों के बंद होने की जह से ही वहां जलभराव की स्थिति है. यही वजह कोचिंग सेंटर में अचानक हुए जलभराव की भी वजह है.
आतिशी ने कहा है कि सरकार को अंतरिम रिपोर्ट मिल गई है. MCD ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट भी सौंप दी है. कोचिंग सेंटर के बारे में 2 मुख्य बातें सामने आई हैं. नालों पर वहां के सभी कोचिंग सेंटरों ने अतिक्रमण किया है, जिसकी वजह से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और इलाके में जलभराव है. पानी नाले तक पहुंच नहीं पा रहा था और आसपास की दीवारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था.
आतिशी ने कहा, 'दूसरी बात ये है कि जिस तरह से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में क्लास चला रहे थे और लाइब्रेरी बना रखी थी, वो 100 प्रतिशत गैरकानूनी था. जिस जूनियर इंजीनियर को वहां के नाले की देखरेख करनी थी, अतिक्रमण रोकना था, उसे हमेशा के लिए MCD से निकाल दिया गया है. असिस्टेंस इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है.'
आतिशी ने कहा, 'जिन कोचिंग सेंटरों के बेसमेंट में क्लास चल रही थी, जहां लाइब्रेरियां बनी थीं, उनके खिलाफ बीते 3 दिनों से एक्शन लिया जा रहा है..'
कोचिंग सेंटर पर दिल्ली की मेयर शैली ओबराय ने कहा है कि हम छात्रों की मांग सुनेंगे, उनके साथ बैठक करेंगे, हम एक रेग्युलेशन दिल्ली सरकार में पास करेंगे, आने वाले वक्त में सीलिंग ड्राइव चलती रहेगी, जो भी अफसर जिम्मेदार होगा, लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी.
आतिशी ने कहा है कि दिल्ली सरकार, अब कोचिंग सेंटरों के रेग्युलेशन के लिए एक कानून बनाने जा रही है. इस एक्ट को विधानसभा में पेश किया जाएगा और एमसीडी इसे लागू कराएगी. दिल्ली सरकार, इस कानून पर जनता का फीडबैक भी लेगी. दिल्ली के लोग [email protected] पर अपने सुझाव मेल कर सकते हैं.