Communist Party of India Marxist not attend ram Mandir inauguration event: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पार्टी की सीनियर नेता बृंदा करात ने कहा कि हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में भाग नहीं लेगी. करात ने कहा कि उनकी पार्टी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करती है और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए सुझाव दिया कि धर्म का राजनीतिकरण करना सही नहीं है.
वृंदा करात ने कहा कि हमारी पार्टी CPI (M) अयोध्या में राम मंदिर के 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह में शामिल नहीं होगी. ये एक धार्मिक कार्यक्रम का राजनीतिकरण है. यह सही नहीं है.
#WATCH | Delhi: CPI(M) leader Brinda Karat says, "Our party will not attend the 'Pran Pratishtha' ceremony of Ram Temple in Ayodhya...We respect the religious beliefs but they are connecting a religious programme with politics...This is the politicization of a religious… pic.twitter.com/K7EoNZnhxL
— ANI (@ANI) December 26, 2023
इससे पहले राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी राम मंदिर उद्घाटन से जुड़े पूरे मुद्दे को दिखावा बताते हुए भाजपा की आलोचना की थी और कहा कि भाजपा भगवान राम के लक्षण के बिल्कुल विपरीत काम करती है. उन्होंने कहा था कि मेरे हृदय में राम हैं. मुझे दिखावा करने की जरूरत नहीं है. राम ने मेरी पूरी यात्रा में मेरा मार्गदर्शन किया है, तो इसका मतलब है कि मैंने कुछ सही किया है.
बता दें कि राम मंदिर का उद्घाटन पीएम मोदी 22 जनवरी को करेंगे. उधर, बीजेपी की दो दिवसीय पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को राम मंदिर निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का निर्देश दिया गया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले राज्य के मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि अयोध्या को आकर्षक रंगों, रोशनी और फूलों से ठीक से सजाया जाए. उन्होंने अयोध्या के चार प्रमुख मार्गों राम पथ, भक्ति पथ, जन्मभूमि पथ और धर्म पथ को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाने का स्पष्ट निर्देश दिया. इस प्रक्रिया के दौरान फुटपाथों को सुंदर फूलों के गमलों से सजाया जाना चाहिए.