मऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ जिले के मधुबन इलाके के गांधी मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए माफिया गुटों और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 392 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 114 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया है.
भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 2005 के मऊ दंगों को याद किया और हिंसा व अपराध को रोकने में नाकाम रहने के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि उन सालों में माफिया बेखौफ होकर घूमते थे और प्रशासन द्वारा कोई सख्त कार्रवाई न किए जाने के कारण निर्दोष लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती थी. उनके अनुसार कद्दावर अपराधियों के संरक्षण में रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों में भी खलल डाला जाता था.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले कुछ सालों में उत्तर प्रदेश की छवि पूरी तरह से बदल चुकी है. उन्होंने याद दिलाया कि पहले डर के मारे व्यापारी सूरज ढलने से पहले अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर हो जाते थे और कई परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे. उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में कोई भी माफिया हथियार लहराते हुए या खुली जीप में घूमकर लोगों को खुलेआम धमकी नहीं दे सकता.
मुख्यमंत्री ने विकास और सुशासन पर भी बात की. उन्होंने कहा कि एक अच्छी सरकार जाति या धर्म के आधार पर काम नहीं करती बल्कि हर नागरिक के कल्याण पर समान रूप से ध्यान देती है. उन्होंने जनता से पूछा कि क्या अस्पताल, सड़कें, पुल या बाढ़ राहत सेवाएं जाति देखकर दी जाती हैं? उनके मुताबिक विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों को मिलना चाहिए.
योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक त्योहारों और सार्वजनिक उत्सवों में खलल डालने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है. उन्होंने कहा कि रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि या यज्ञ जैसे आयोजनों में बाधा खड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने ऐसे तत्वों की तुलना रावण और कंस जैसे पौराणिक खलनायकों से की.
मुख्यमंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर 2014 से 2017 के बीच केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कई कल्याणकारी योजनाओं को रोकने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि उस समय राज्य में इन योजनाओं को ठीक से लागू नहीं किया गया जिससे गरीब लोग इनके लाभ से वंचित रह गए. आखिर में योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर दोहराया कि महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ ऐसे ही सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे.