दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है. उन्होंने कहा कि वे सांसद या विधायक बनने की इच्छा नहीं रखते. इसके बजाय अपने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले स्थित गांव सांतुक पिंपरी के सरपंच बनकर शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना चाहते हैं.
एक समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में दिपके ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी विशेष राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि व्यवस्था की कमियों के खिलाफ काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि जहां भी छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दे सामने आएंगे, CJP वहां सक्रिय भूमिका निभाएगी. उनके अनुसार, शिक्षा संकट केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशव्यापी चुनौती बन चुका है और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए.
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra: Cockroach Janta Party founder Abhijeet Dipke says, "Wherever there is an issue related to education, we will be there. And I believe education is a concern in every state. The education system in almost every state is facing challenges, and… pic.twitter.com/ipwG4dF6ae
— IANS (@ians_india) August 3, 2026
अभिजीत दिपके ने कहा कि फिलहाल नई राजनीतिक पार्टी बनाने की उनकी कोई योजना नहीं है. उनका मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में देश को एक मजबूत "पब्लिक प्रेशर ग्रुप" की जरूरत है, जो लोकतांत्रिक तरीके से सरकारों पर जवाबदेही का दबाव बनाए. उन्होंने कहा कि यदि बातचीत से समाधान संभव होगा तो सरकार और विपक्ष दोनों से संवाद किया जाएगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर शांतिपूर्ण जनआंदोलन भी जारी रहेगा.
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra: Cockroach Janta Party founder Abhijeet Dipke says, "...We will not align ourselves with any political party. We will raise issues based on what the people want and will continue to take up matters concerning the youth" pic.twitter.com/6j8Y65vk1j
— IANS (@ians_india) August 3, 2026
दिपके ने अपनी शिक्षा को लेकर उठे सवालों पर कहा कि वे अपनी छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने को तैयार हैं. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से भी अपनी शैक्षणिक डिग्री सार्वजनिक करने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आलोचना करने वालों पर जांच एजेंसियों के जरिए दबाव बनाया जाता है. हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
CJP के भविष्य को लेकर दिपके ने बताया कि 5 अगस्त को उनके आवास पर संगठन की कोर कमेटी और प्रवक्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक होगी. इसमें आंदोलन के अनुभवों की समीक्षा, स्वयंसेवकों से सुझाव और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने बताया कि आंदोलन की शुरुआत 10-20 लोगों से हुई थी, लेकिन अब 300 से अधिक स्वयंसेवक इससे जुड़ चुके हैं. उनका कहना है कि संगठन सामूहिक निर्णय के आधार पर आगे की दिशा तय करेगा.