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India Daily

'दोस्त की तरह मतभेदों को...' मोदी-जिनपिंग मुलाकात से पहले चीन का बड़ा संदेश!

शी जिनपिंग ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने भारत आ रहे हैं. दिल्ली पहुंचने से पहले चीन ने रिश्तों को लेकर नरम रुख दिखाया है. बीजिंग ने बातचीत, सहयोग और मतभेदों के शांतिपूर्ण प्रबंधन पर जोर दिया है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
'दोस्त की तरह मतभेदों को...' मोदी-जिनपिंग मुलाकात से पहले चीन का बड़ा संदेश!
Courtesy: X (@China_Amb_India)

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने शनिवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे. उनके भारत आने से पहले बीजिंग ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर अहम संदेश दिया है. चीन ने कहा है कि भारत और चीन को असहमतियों को समझदारी से संभालते हुए पड़ोसी और साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए. इस बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की प्रस्तावित द्विपक्षीय बातचीत से जोड़कर देखा जा रहा है. दोनों नेताओं के बीच करीब सात साल बाद आमने-सामने मुलाकात होगी.

बातचीत को आगे बढ़ाने पर जोर

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि बीजिंग दोनों देशों के नेताओं की बैठक के लिए तैयार है. उन्होंने लंबे समय के नजरिए से रिश्तों को मजबूत करने की जरूरत बताई. उनका कहना है कि संवाद बढ़ना चाहिए और सहयोग के नए अवसर तलाशे जाने चाहिए. चीन की तरफ से यह संकेत भी दिया गया कि मतभेदों को रिश्तों पर हावी करने के बजाय उन्हें उचित तरीके से संभालना जरूरी है.

विदेश मंत्रालय ने भी दोहराई बात

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी भारत के साथ संबंधों पर इसी दिशा में बयान दिया. उन्होंने कहा कि बीजिंग नई दिल्ली के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए तैयार है. उनके मुताबिक दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दूरगामी नजरिए से देखना चाहिए. माओ निंग ने मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने की जरूरत बताई और दोनों देशों को पड़ोसी तथा एक-दूसरे के विकास में सहयोगी बताया.

7 साल बाद भारत आएंगे जिनपिंग

शी जिनपिंग शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे और 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है. जिनपिंग इससे पहले 2019 में भारत आए थे, जब महाबलीपुरम में मोदी के साथ उनकी अनौपचारिक बैठक हुई थी. इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं. सीमा से जुड़े मुद्दे भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा का अहम हिस्सा रहे हैं.

ब्रिक्स सम्मेलन पर भी रहेगी नजर

भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है. चीन ने इस मंच पर भी संवाद और सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही है. माओ निंग के अनुसार बीजिंग ब्रिक्स सदस्यों के साथ मिलकर मतभेदों का समाधान बातचीत से आगे बढ़ाना चाहता है. ऐसे में मोदी और जिनपिंग की बैठक पर भारत-चीन संबंधों के साथ पूरे सम्मेलन की नजर रहेगी.