नई दिल्ली में चल रहे BRICS Summit 2026 के दौरान एक फोटो तेजी से वायरल हो रही है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा हैं. शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीएम मोदी इन नेताओं के साथ रेड कार्पेट पर साथ चलते नजर आए. इस दौरान मोदी ने नेताओं का हाथ पकड़कर उनके साथ कदम मिलाया. यह फोटो ऐसे समय में सामने आई है, जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है.
फिलहाल BRICS में 11 देश शामिल हैं. इनमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील, ईरान, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. इन देशों की संयुक्त आबादी दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत है. वहीं, वैश्विक GDP में इनकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत और दुनिया के कुल व्यापार में करीब 26 प्रतिशत है. भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है.
Delhi | PM Narendra Modi with Iran’s President Masoud Pezeshkian and Russia’s President Vladimir Putin, among other BRICS leaders, at the BRICS Business Forum in Delhi pic.twitter.com/CcCPVgdNGl
— ANI (@ANI) September 11, 2026Also Read
ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों से अपनी आर्थिक ताकत को बड़े निवेश और मजबूत कारोबारी साझेदारी में बदलने की अपील की. उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है. जहाजों के लिए समुद्री मार्ग खुले रहने चाहिए और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.
पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के सामने व्यापार से जुड़ी 10 बड़ी बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों में प्रवेश दिलाने और 1,000 नई कारोबारी साझेदारियां बनाने का भी सुझाव दिया.
ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने ब्रिक्स के भीतर सहयोग और भारत-रूस संबंधों पर चर्चा की. बातचीत में मध्य पूर्व के युद्ध और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्ष का मुद्दा भी उठा. इन घटनाओं से समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है. पीएम मोदी ने कहा कि संघर्षों को खत्म करने के लिए संवाद और कूटनीति सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है. उन्होंने दोहराया कि भारत शांति की कोशिशों में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है.