केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 53वीं जीएसटी परिषद की बैठक हुई. इस बैठक के बाद मध्यम वर्ग द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कई उत्पादों और सेवाओं पर राहत की घोषणा की गई है. सरकार ने रेलवे स्टेशनों में प्लेटफॉर्म टिकट, वेटिंग रूम और क्लॉकरूम सुविधाओं जैसी सेवाओं को टैक्स फ्री कर दिया है. कॉलेज परिसर के बाहर हॉस्टल के किराए को छूट दी है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई 53वीं जीएसटी परिषद की बैठक में कराधान, भारतीय रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर कर छूट और फर्जी चालान की जांच के लिए बायोमेट्रिक आधारित आधार प्रमाणीकरण से संबंधित कई सिफारिशें की गईं. सीतारमण ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर केंद्र की मंशा स्पष्ट है और उन्होंने ईंधन पर जीएसटी दर तय करने का फैसला राज्यों पर छोड़ दिया है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के केंद्र के इरादे को भी दोहराया, लेकिन उन्होंने कहा कि अब राज्यों को आगे आकर दरों के लिए अपनी सिफारिश करनी है. उन्होंने कहा, "पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का प्रावधान पहले से ही (कानून में) है. दरें तय करनी होंगी. यह राज्यों पर निर्भर है परिषद ने पंजीकरण प्रक्रिया को मजबूत करने और फर्जी चालान के जरिए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) दावों से निपटने के प्रयास में पंजीकरण आवेदकों के बायोमेट्रिक-आधारित आधार प्रमाणीकरण को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला किया.