China USA Relation: चीन के साथ बढ़ती तनातनी के बीच अमेरिका के लिए एक टेंशन वाली खबर सामने आई है. यह खबर अमेरिकी प्रशासन के लिए बड़े खतरे की घंटी साबित हो सकती है. खबर है कि चीन ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों के समीप जमीन खरीद ली है. इस जमीन पर अपना स्पाई इकोसिस्टम स्थापित कर वह अमेरिका की जासूसी कर सकता है. द न्यूयॉर्क पोस्ट की खबर के मुताबिक, फ्लोरिडा से लेकर हवाई तक अमेरिका के ऐसे 19 सैन्य ठिकानों की पहचान की गई है जो चीन की जद में आ गए हैं. इसमें कई ठिकाने तो रणनीतिक रूप से भी बेहद अहमियत रखते हैं.
द न्यूयॉर्क पोस्ट ने अमेरिकी एयरफोर्स के ब्रिगेडियर जनरल के हवाले से कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जगहों के बीच चीन की मौजूदगी अमेरिका के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है. चीन इस जमीन का इस्तेमाल खुफिया और सैन्य जासूसी में कर सकता है. इस जमीन का मालिक होने पर चीन स्थानीय राजनीति में भी प्रभावशाली बन सकता है. उन्होंने कहा कि यह बड़ी मुश्किल स्थिति है कि हम चीन को ऐसा करने से नहीं रोक सकते क्योंकि हमारे पास ऐसे कानून नहीं हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, खेती की आड़ में चीन इन जगहों पर ट्रैकिंग इकोसिस्टम तैनात कर सकता है और कई ठिकानों को देखने लिए रडार और इन्फ्रारेड स्कैनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर सकता है. चीन इसके अलावा अमेरिका के सैन्य ठिकानों की जासूसी करने के लिए ड्रोन्स का भी उपयोग कर सकता है. इससे पहले भी एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया था कि चीनी घुसपैठियों ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों में 100 से ज्यादा बार घुसपैठ करने की कोशिश की है.
अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI ने इसे गंभीर खतरा बताया है. होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का कहना है कि अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर 30,000 से ज्यादा चीनी जासूसों के घुसने के बारे में वॉर्निंग भी दी है. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 के अंत तक चीन के पास अमेरिका में 349,442 एकड़ कृषि योग्य जमीन थी. चीनी नागरिकों ने इस दौरान निगरानी के लिए ड्रोन का भी प्रयोग किया है.