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'कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील', नड्डा का राहुल गांधी पर वार; रामलीला मैदान में विपक्ष की महारैली कसा तंज

दिल्ली के रामलीला मैदान में एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस की अगुआई में विपक्ष की महारैली हो रही है. बीजेपी ने इसे 'महाठगों का मेला' बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील', नड्डा का राहुल गांधी पर वार; रामलीला मैदान में विपक्ष की महारैली कसा तंज
Courtesy: Pinterest

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की अगुआई में विपक्ष की महारैली को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है. एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा किया गया है. कांग्रेस ने रैली में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है, जबकि रामलीला मैदान की क्षमता करीब 50 हजार बताई जा रही है.

बीजेपी ने विपक्ष की इस रैली पर तीखा हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे 'महाठगों का मेला' बताते हुए कहा कि इसका मकसद चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना है. उन्होंने दावा किया कि यह रैली कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी.

नड्डा ने लगाए चार बड़े आरोप

जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष की रैली के पीछे चार मकसद हैं. उनके मुताबिक पहला उद्देश्य सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कना है. दूसरा त्योहारों के मौसम में छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुंचाना है. तीसरा देश को बदनाम करना और चौथा दंगा-फसाद का माहौल तैयार करना है. उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारत कोई 'बनाना रिपब्लिक' नहीं है और देश को अस्थिर करने का सपना नहीं देखना चाहिए.

बीजेपी ने रैली को बताया 'ठगों का मेला'

बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विपक्ष की महारैली को लेकर पोस्टर जारी किया. पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अफवाह और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है. बीजेपी ने अपने पोस्ट में 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी जिक्र किया और कांग्रेस पर निशाना साधा.

1984 के दंगों को लेकर बीजेपी का प्रदर्शन

विपक्ष की महारैली के बीच बीजेपी की ओर से 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर भी प्रदर्शन किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अगुआई में बीजेपी का मार्च हरिनगर से शुरू होने की बात कही गई है. 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में सिखों की मौत हुई थी.

मिंटो रोड पर पोस्टर फाड़ने का आरोप

कांग्रेस का मार्च कनॉट प्लेस से मिंटो रोड होते हुए रामलीला मैदान तक पहुंचने की योजना है. सुबह से ही बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता जुटने लगे. इस दौरान मिंटो रोड पर बीजेपी की ओर से लगाए गए 1984 के दंगों से जुड़े कुछ पोस्टरों को कथित तौर पर विपक्षी कार्यकर्ताओं द्वारा फाड़े जाने का आरोप लगाया गया.

रामलीला मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. आयोजन स्थल को 14 जोन में बांटा गया है. प्रत्येक जोन की निगरानी एसीपी स्तर के अधिकारी करेंगे, जबकि दो जोन की जिम्मेदारी अतिरिक्त डीसीपी स्तर के अधिकारियों को दी गई है. सुरक्षा के लिए ड्रोन और करीब 250 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. करीब 10 हजार जवानों की तैनाती की गई है.

विपक्ष की महारैली और बीजेपी के प्रदर्शन के कारण राजधानी में राजनीतिक माहौल बेहद गरम है. एक तरफ विपक्ष एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ बीजेपी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगा रही है.