INDIA गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया. यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुआ. लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने इसकी अध्यक्षता की. विपक्ष ने यह आयोजन चुनाव आयोग के खिलाफ अपने अभियान के तहत किया.
यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को आयोजित होना था, लेकिन दिल्ली में बारिश के कारण इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बताया था कि वरिष्ठ नेताओं को खराब मौसम के कारण परेशानी न हो, इसलिए सभी नेताओं की सहमति से तारीख बदली गई.
कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सीधे निर्देशों पर चुनाव आयोग चला रहे हैं. खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
उन्होंने बताया कि करीब सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए नोटिस दिया था. हालांकि, उनके मुताबिक इन नोटिसों को बिना उचित विचार किए खारिज कर दिया गया.
खड़गे ने कहा, "हमारी किसी व्यक्ति विशेष से दुश्मनी नहीं है. हमारा उद्देश्य चुनाव आयोग को संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से काम करते देखना है, ताकि आम लोगों का भरोसा इस संस्था पर बना रहे."
LIVE: The Public Impeachment of CEC Gyanesh Kumar, 10 Rajaji Marg, New Delhi https://t.co/qjQrxdYmtr
— Congress (@INCIndia) October 31, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष ने मतदाता सूची से लोगों के नाम कथित तौर पर हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है.
खड़गे ने चिंता जताई कि दिल्ली में बैठा कोई व्यक्ति कंप्यूटर के जरिए चुपचाप मतदाता सूची से लोगों के नाम हटा सकता है. उन्होंने कहा कि हर योग्य नागरिक को बिना किसी हस्तक्षेप के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए.
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग प्रस्ताव पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge का पूरा वक्तव्य- https://t.co/FK1ntvQodP
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खड़गे ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से सत्ता में बने रहने के लिए राजनीतिक दलों को तोड़ने, सांसदों को अपने पक्ष में करने और सरकारें गिराने जैसे कदम उठाए गए हैं. उन्होंने चुनावी बॉन्ड, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अब वोटों की चोरी की जा रही है.
खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से जुड़े 2023 के कानून पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून ने चुनाव आयुक्तों को जरूरत से ज्यादा कानूनी सुरक्षा दी है और उनकी जवाबदेही कमजोर की है.
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में जब यह कानून संसद से पारित हुआ, उस समय विपक्ष के 145 सांसद निलंबित थे. खड़गे ने इस स्थिति को संसदीय प्रक्रिया के लिहाज से गलत बताया. हालांकि, ये सभी आरोप कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने मतदान के अधिकार को लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और एशिया, अफ्रीका तथा दक्षिण अमेरिका के कई देश भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था से प्रेरणा लेते हैं.
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के केंद्र में मतदाता होता है. यदि किसी एक योग्य नागरिक को भी वोट डालने से रोका जाता है तो यह लोकतंत्र की मूल भावना को नुकसान पहुंचाता है.
मीरा कुमार ने यह भी बताया कि INDIA गठबंधन ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने के संबंध में बैठक करेगा. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे.
इस बीच राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली से पहले लोगों से 'चलो दिल्ली' मार्च में शामिल होने की अपील की.
उन्होंने बताया कि मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड जंक्शन से शुरू होगा. इसके बाद यह कनॉट प्लेस के पास से होते हुए अजमेरी गेट पहुंचेगा और अंत में रामलीला मैदान में समाप्त होगा. राहुल गांधी ने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और आम लोगों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया.
हालांकि, इस मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस की अनुमति का सवाल भी सामने आया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कनॉट प्लेस से जुलूस निकालने के लिए कोई आवेदन नहीं मिला था. हालांकि, पुलिस ने रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी थी.