बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने विश्व बैंक की गरीबी संबंधी रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं.
त्रिवेदी ने दावा किया कि भारत में अत्यधिक गरीबी का स्तर 2011-12 के 27.6 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 2.6 प्रतिशत रह गया है. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबी उन्मूलन की दिशा में बड़ी उपलब्धि है.
हालांकि, विश्व बैंक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में 3 डॉलर प्रतिदिन वाली अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा के आधार पर अत्यधिक गरीबी 2.6 प्रतिशत थी, जबकि 2011-12 में यह 27.1 प्रतिशत थी.&x20;
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और एनडीए सरकार की सोच में बड़ा अंतर है. उन्होंने अगस्त 2013 में राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि गरीबी केवल एक मानसिकता है. इसके अलावा उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान 'पैसे पेड़ों पर नहीं उगते' का भी उल्लेख किया.
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में देश की बड़ी आबादी गरीबी से जूझती रही. वहीं, मोदी सरकार ने गरीब कल्याण को प्राथमिकता देते हुए जनधन, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाएं शुरू कीं. उनके मुताबिक, इन योजनाओं ने गरीबों के जीवन में बदलाव लाने में मदद की है.
Delhi: BJP MP Sudhanshu Trivedi says, "I would also like to remind you that in August 2025, the World Bank released the Gini Index for economic equality, in which India scored 22.5. This meant that India was ranked among the countries with the highest economic equality in the world, standing at the 4th position. At that time, India had the lowest level of economic inequality among all G7 and G20 nations. This is the reality. But what can be said about Rahul Gandhi, who in August 2013 stated that 'poverty is a mindset'—implying that poverty is merely a state of mind and other things will fall into place on their own? Meanwhile, Dr. Manmohan Singh had once said that 'money doesn't grow on trees.' It seems there is a stark, vast difference between the approach of a leader with that mindset—namely Rahul Gandhi—and the vision of Prime Minister Narendra Modi. By treating poverty as just a mindset, they kept a vast population of India trapped in extreme poverty..."
— IANS (@ians_india) October 31, 2026
बीजेपी प्रवक्ता ने अगस्त 2025 में जारी विश्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत का गिनी इंडेक्स 22.5 रहा और देश आर्थिक समानता के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया.
गिनी इंडेक्स का इस्तेमाल आय या उपभोग के वितरण में असमानता मापने के लिए किया जाता है. इसका स्कोर जितना कम होता है, असमानता उतनी ही कम मानी जाती है. विश्व बैंक के आंकड़ों में भारत का 2023 का गिनी स्कोर 23 दर्ज है.&x20;
त्रिवेदी ने INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर भी निशाना साधा. उन्होंने इसे 'फंसाने की संसद' बताते हुए कहा कि विपक्ष अपने राजनीतिक उद्देश्यों में सफल नहीं होने के बाद ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने में नाकाम रहने के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि मॉक पार्लियामेंट जैसे आयोजनों से जमीनी हकीकत नहीं छिपाई जा सकती.
बीजेपी सांसद ने विपक्ष पर भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर बताने का आरोप लगाया. उन्होंने एलन मस्क को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ विपक्ष भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी को भारत आने का न्योता दे रहा है. त्रिवेदी ने राहुल गांधी की सोच पर भी व्यक्तिगत टिप्पणी की और आरोप लगाया कि वह लगातार भारत के हितों के खिलाफ बयान देते हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में त्रिवेदी ने कहा कि 2014 के बाद देश में गरीबी कम करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि वह विकास से जुड़े आंकड़ों और जमीनी हकीकत के साथ खड़ी होगी या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझी रहेगी.