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India Daily

राहुल गांधी बोले ज्ञानेश कुमार पर चले देशद्रोह का मुकदमा, 2024 लोकसभा चुनाव को बताया अवैध

INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पारित किया. राहुल गांधी ने उन पर गंभीर आरोप लगाए और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
राहुल गांधी बोले ज्ञानेश कुमार पर चले देशद्रोह का मुकदमा, 2024 लोकसभा चुनाव को बताया अवैध
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विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने शनिवार, 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जनता के महाभियोग’ का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित इस प्रतीकात्मक कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की मांग का वह पूरा समर्थन करते हैं और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए.

राहुल गांधी ने बताया राजनीतिक हथियार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ‘जनता का महाभियोग’ उन लोगों के खिलाफ राजनीतिक हथियार है, जिन्होंने कथित तौर पर देश की चुनाव व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वालों के खिलाफ विपक्ष का अभियान आगे भी जारी रहेगा. राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नहीं बने रह पाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा उन पर लगाए गए आरोपों के बावजूद उन्हें पद पर बनाए रखती है, तो इससे पार्टी की मंशा पर सवाल खड़े होंगे.

2024 के लोकसभा चुनाव को बताया अवैध

राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को ही अवैध करार दे दिया. प्रस्ताव पर चर्चा के आखिर में उन्होंने कहा कि 13.3 करोड़ वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए. पिछले लोकसभा (2019) चुनावों में इन वोटरों ने वोट किया था. 2024 में बीजेपी ने चुनाव 3 प्रतिशत के मार्जिन से जीता था. हर सात में से एक वोटर का नाम हटाकर चुनाव आयोग ने कबूल किया है कि 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था.

खड़गे के आवास पर जुटे करीब 250 विपक्षी सांसद

यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास के परिसर में आयोजित किया गया. इसमें विपक्षी दलों के करीब 250 सांसदों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया. लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यवाही की अध्यक्षता की. प्रस्ताव हाथ उठाकर सर्वसम्मति से पारित किया गया.

राहुल गांधी ने कहा कि यह असामान्य स्थिति है कि विपक्ष के करीब 250 सांसदों को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग पर चर्चा करने के लिए किसी निजी आवास के बगीचे में जुटना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के लिए संसद और न्यायपालिका जैसे संस्थानों में अपनी बात रखने के रास्ते बंद हो गए हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान और नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा. राहुल ने कार्यक्रम में शामिल विपक्षी नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और इसे देख रहे लोगों का भी आभार जताया.

खड़गे ने लगाए छह गंभीर आरोप

कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर छह आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि कुमार ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से समझौता किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में काम किया है.

खड़गे के मुताबिक, आरोपों में चुनावों में कथित हेरफेर की साजिश, मतदाता सूची से 13.2 करोड़ नाम हटाने में मदद, संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव और ECINET प्लेटफॉर्म के जरिये मतदाता सूचियों पर नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल हैं. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग के अन्य दो आयुक्तों को फैसले लेने की प्रक्रिया से अलग रखा. ये सभी आरोप विपक्षी गठबंधन की ओर से लगाए गए हैं. कार्यक्रम में इन्हें लेकर किसी न्यायिक निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई.

प्रस्ताव में रखी गईं चार मांगें

INDIA गठबंधन के प्रस्ताव में चार प्रमुख मांगें रखी गईं. इनमें ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकना, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से जुड़े 2023 के कानून में संशोधन करना और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाना शामिल है.

खड़गे ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ज्ञानेश कुमार से व्यक्तिगत दुश्मनी निकालना नहीं है. विपक्ष चाहता है कि चुनाव आयोग संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से काम करे और आम नागरिकों का उस पर भरोसा बना रहे.

उन्होंने 2023 के कानून में चुनाव आयुक्तों को दिए गए कानूनी संरक्षण पर भी सवाल उठाए. खड़गे का आरोप था कि इस कानून के तहत चुनाव आयुक्तों को आजीवन कानूनी सुरक्षा दी गई है. उन्होंने दावा किया कि यह कानून दिसंबर 2023 में उस समय पारित हुआ, जब विपक्ष के 145 सांसदों को संसद से निलंबित कर दिया गया था. खड़गे ने यह भी कहा कि विपक्ष के 193 सांसदों ने सात महीने पहले दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस दिए थे, लेकिन उन पर विचार किए बिना प्रस्ताव खारिज कर दिए गए.

मीरा कुमार ने मतदान के अधिकार पर जताई चिंता

कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में इस तरह का कार्यक्रम पहले कभी नहीं देखा. उन्होंने कहा कि पांच साल तक लोकसभा अध्यक्ष रहने के दौरान भी उन्हें ऐसा अवसर याद नहीं आता, जब किसी सभा में एक बार भी विरोध में आवाज न उठी हो और सभी लोग अलग-अलग शब्दों में एक ही बात पर सहमत हों.

मीरा कुमार ने कहा कि किसी योग्य नागरिक को मतदान से वंचित करना लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाता है. उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कथित हमलों का साहस के साथ मुकाबला करने की अपील की.

छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा ने भी लगाए आरोप

छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा ने भी विपक्ष के अभियान का समर्थन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है. बोरा ने चुनावी गड़बड़ियों को छिपाने और किसी खास राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए सॉफ्टवेयर के कथित इस्तेमाल का भी आरोप लगाया.

1 नवंबर को रामलीला मैदान में मार्च

‘जनता के महाभियोग’ का यह कार्यक्रम INDIA गठबंधन के 1 नवंबर को होने वाले मार्च और रैली से एक दिन पहले आयोजित किया गया. ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ प्रस्तावित इस मार्च में राहुल गांधी ने राजनीतिक दलों, नागरिक संगठनों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों को शामिल होने का निमंत्रण दिया है.

मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के पास स्थित जंक्शन से शुरू होकर अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा. हालांकि, दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, कनॉट प्लेस से मार्च शुरू करने के लिए अनुमति नहीं मांगी गई थी.

कार्यक्रम के दौरान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाए गए. दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के इस अभियान की आलोचना की है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी इस कार्यक्रम पर आपत्ति जताई. भाजपा 1 नवंबर को सुबह 11 बजे दिल्ली के हरि नगर में जवाबी प्रदर्शन की तैयारी कर रही है. इसमें करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है. इनमें खास तौर पर सिख समुदाय के लोगों को शामिल किए जाने की बात कही गई है.