भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वित्तीय ताकत के मामले में सभी राजनीतिक पार्टियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है. निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2024 तक भाजपा के पास कुल 7,113.80 करोड़ रुपये की नकदी और बैंक बैलेंस था. इसके मुकाबले, प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पास केवल 857.15 करोड़ रुपये की धनराशि थी.
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि भाजपा ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 1,754.06 करोड़ रुपये खर्च किए. यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में किए गए 1,092 करोड़ रुपये के खर्च से 60 प्रतिशत अधिक है.
जहां भाजपा ने अपने खर्च और संसाधनों में वृद्धि की है, वहीं कांग्रेस वित्तीय मोर्चे पर काफी पीछे नजर आ रही है. 857.15 करोड़ रुपये के साथ, कांग्रेस का बैंक बैलेंस भाजपा के मुकाबले बहुत कम है, जो दोनों दलों के आर्थिक प्रबंधन और चंदा प्राप्ति की क्षमता में भारी अंतर दर्शाता है.
अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में भाजपा की यह आर्थिक बढ़त उन्हें आगामी चुनावों में अधिक संसाधन और प्रचार क्षमता प्रदान कर सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह वित्तीय ताकत किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है.
(इस खबर को इंडिया डेली लाइव की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)