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India Daily

भूटान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को क्यों बताया  ‘विष्णु का अवतार’, 2019 की मुलाकात का किया खुलासा

भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने नरेंद्र मोदी को ‘विष्णु का अवतार’ बताते हुए 2019 की निजी मुलाकात याद की. उन्होंने मोदी के नेतृत्व, समर्पण और भारत-भूटान संबंधों की भी प्रशंसा की.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
भूटान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को क्यों बताया  ‘विष्णु का अवतार’, 2019 की मुलाकात का किया खुलासा
Courtesy: @narendramodi

भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘विष्णु का अवतार’ बताया है. टोबगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘An avatar for our times’ शीर्षक से एक पोस्ट में 2019 की एक निजी मुलाकात का जिक्र किया. उस समय वह न तो भूटान के प्रधानमंत्री थे और न ही सांसद.

मोदी को बताया था ‘बड़े भाई’ जैसा

टोबगे के मुताबिक, जुलाई 2019 में हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने मोदी को उनके पहले कार्यकाल में भारत की ओर से मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया था. उन्होंने कहा कि वह मोदी को अपने ‘बड़े भाई’ की तरह देखते हैं. इसी बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि वह मोदी को ‘विष्णु का अवतार’ भी मानते हैं.

बाद में भी अपने शब्दों पर कायम रहे

टोबगे ने लिखा कि उस समय उन्हें एक पल के लिए लगा था कि शायद वह भावनाओं में कुछ ज्यादा कह गए. लेकिन बाद में उन्होंने अपने विचार पर फिर से गौर किया और निष्कर्ष निकाला कि उनकी बात सही थी. उन्होंने कहा कि आज पीछे मुड़कर देखने पर भी उन्हें अपने उस आकलन पर पूरा विश्वास है.

मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ

जनवरी 2024 में दोबारा भूटान के प्रधानमंत्री बने टोबगे ने कहा कि उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक मोदी की राजनीतिक यात्रा को करीब से देखा है. उन्होंने विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश, तकनीक और शासन के क्षेत्र में मोदी के काम का उल्लेख किया. हालांकि, उनके मुताबिक मोदी की देश और जनता की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया.

बौद्ध परंपरा से जोड़ा नेतृत्व

टोबगे ने मोदी के संदर्भ में बौद्ध परंपरा के रिग्सुम गोंपो का भी उल्लेख किया. यह ज्ञान, करुणा और साहस से जुड़े तीन बोधिसत्वों की अवधारणा है. टोबगे के अनुसार, ये गुण एक प्रबुद्ध नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण हैं.

भारत-भूटान रिश्तों का भी किया जिक्र

टोबगे ने मोदी के ‘विकसित भारत’ के 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए भारत और भूटान के पुराने और मजबूत संबंधों की बात की. उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की पहली विदेश यात्रा भूटान की थी. उस दौरान मोदी ने दोनों देशों के रिश्ते को ‘B4B—Bharat for Bhutan, Bhutan for Bharat’ बताया था.

2024 में फिर उठाया था ‘अवतार’ का सवाल

टोबगे ने यह भी बताया कि 14 मार्च 2024 को मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने 2019 में कही अपनी बात पर दोबारा विचार करने की बात कही. उनके अनुसार, तब उन्हें लगा कि वह विष्णु के किस अवतार की बात कर रहे थे- कल्कि, जिन्हें परंपरा में अधर्म और अव्यवस्था के अंत तथा नए युग की शुरुआत से जोड़ा जाता है.

उन्होंने यह भी कहा कि मोदी को भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान Order of the Druk Gyalpo मिलना उनके लिए गौरव की बात है और वह व्यक्तिगत रूप से मोदी को अपना मार्गदर्शक मानते हैं.