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India Daily

'हम इसे कर दिखाएंगे', प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्ष पूरे होने पर 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराया

PM मोदी ने सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर देश के विकास को लेकर अपने संकल्प को दोहराया. उन्होंने लोगों के बीच नया उत्साह भरते हुए कहा ‘हम इसे कर दिखाएंगे.’

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Edited By: Reepu Kumari
'हम इसे कर दिखाएंगे', प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्ष पूरे होने पर 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराया
Courtesy: ANI (Screengrab)

PM Modi 25 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सार्वजनिक जीवन में अपने 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश के सामने आगे की दिशा रखी. दिल्ली में ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने लोकतंत्र और संविधान को नमन किया. मोदी ने कहा कि देश की जनता ने उन्हें बार बार सेवा का अवसर दिया है और वह इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं. इस मौके पर उन्होंने ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में शामिल नागरिकों का भी आभार जताया और अपने संकल्प को दोहराया.

'राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी सबसे बड़ी'

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, इसलिए राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी सबसे बड़ी है. उन्होंने कहा कि हर नागरिक का उन पर सबसे पहला अधिकार है. मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को लेकर अपना संकल्प दोहराया. उन्होंने अपने 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और उससे मिले अनुभव को देश की बड़ी पूंजी बताया. साथ ही कहा कि यह अनुभव केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के हर नागरिक का है.

मंदिर में पूजा से लेकर देश के लिए प्रार्थना तक

प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने दिन की शुरुआत श्री विनायक मंदिर में पूजा अर्चना से की. उन्होंने देश, 140 करोड़ लोगों और खुद के लिए प्रार्थना की. मोदी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्र की सेवा और अधिक ऊर्जा व सामर्थ्य के साथ करने की शक्ति मांगी. 

25 साल का अनुभव सिर्फ मोदी की पूंजी नहीं

मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को अनुभव की बड़ी पूंजी बताया. उन्होंने कहा कि यह संपत्ति केवल उनके पास नहीं है, बल्कि पूरे देश की है और भारत माता की हर संतान इस अनुभव की हकदार है. उन्होंने अपने सफर में स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं के योगदान को भी याद किया. 

‘हम सेवक हैं’ की भावना पर दिया जोर

प्रधानमंत्री ने स्वयंसेवकों की सेवा भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि वे खुद को मानवता का सेवक मानते हैं. उन्होंने बताया कि सेवा की यही सोच सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही है. मोदी के अनुसार, 25 वर्षों के दौरान मिले अनुभवों को आगे देश के काम में लगाने की जिम्मेदारी है. 

विकसित भारत से वैश्विक विनिर्माण केंद्र तक

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने कई बड़े लक्ष्य रखे. उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने, आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने और भारत को दुनिया का प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनाने की बात कही. इसके अलावा उन्होंने देश में ओलंपिक की मेजबानी और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को और आगे ले जाने का लक्ष्य भी सामने रखा. इन लक्ष्यों को लेकर उन्होंने लोगों से नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.