पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में सामने आए चर्चित दुष्कर्म और हत्या मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उसकी मां के उस फैसले की हो रही है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे का शव लेने से साफ इनकार कर दिया. उनके बयान ने पूरे मामले को इमोशनल और गंभीर बना दिया है.
अधिकारियों के अनुसार प्रभास मंडल को पुलिस जांच के दौरान ले जाया जा रहा था. इसी दौरान उसने कथित रूप से एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की. पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुका तो मजबूरन पुलिस कर्मियों को एक्शन लेना पड़ा. स्थिति बिगड़ने पर जवाबी कार्यवाही की गई, जिसमें आरोपी की मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि कार्यवाही परिस्थितियों को देखते हुए की गई.
मुठभेड़ के बाद पुलिस आरोपी के घर पहुंची और उसकी मां को घटना की जानकारी दी और मां को शव सौंपने की बात कही. तो आरोपी की मां ने बेटे का शव लेने से साफ तौर से इनकार कर दिया और कहा कि उसे वही सजा मिली है जिसका वह हकदार था.
पुलिस के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'पुलिस मेरे घर आई और मुझसे पूछा कि क्या मैं प्रभास मंडल की मां हूं। उन्होंने मुझे बताया कि उसकी मौत हो गई है। मैंने कहा कि मैं उसे अब और नहीं देखना चाहती। मैंने उनसे कहा कि मुझमें वहां जाने की हिम्मत नहीं है। फिर पुलिस ने मुझसे मेरा पहचान पत्र मांगा.'
आरोपी की मां ने बताया कि प्रभास किसी की बात नहीं सुनता था. उनके अनुसार वह अक्सर नशे की हालत में रहता था और परिवार की सलाह को भी नजरअंदाज करता था.
उन्होंने कहा कि एक मां होने के नाते स्वाभाविक रूप से मुझे दुख होगा, लेकिन उसे उसके किए की सज़ा मिल चुकी है, और अब मुझे शांति मिल गई है.' बेटे की इस हरकत ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया था. इसलिए उन्होंने शव लेने से इनकार करने का निर्णय लिया.