नई दिल्ली: बांग्लादेश की नई सरकार भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश में जुटी हुई है. इसी क्रम में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान तीन दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत उच्च स्तरीय अधिकारियों से मुलाकात की. लेकिन मुलाकात की सबसे चर्चित मांग शेख हसीना के प्रत्यर्पण की रही. बांग्लादेश ने इसे दोहराया, लेकिन भारत की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया.
बैठक में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण का अनुरोध फिर से रखा. बांग्लादेशी बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष इस पर प्रत्यर्पण संधि के अनुसार कार्रवाई करने पर सहमत हुए, लेकिन भारत के आधिकारिक बयान में इस मुद्दे का जिक्र तक नहीं किया गया.
विदेश मंत्रालय के बयान में शेख हसीना का नाम तक नहीं लिया गया. जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई. भारत का फोकस संबंधों को नई दिशा देने और वीजा प्रक्रिया आसान करने पर रहा.
शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़कर भारत आई थीं. बांग्लादेश में उन्हें और पूर्व गृह मंत्री को मृत्युदंड की सजा सुनाई जा चुकी है. नई बीएनपी सरकार के सत्ता में आने के बाद भी भारत ने उन्हें प्रत्यर्पित करने से इनकार किया था. दोनों पक्ष अब इस मुद्दे को संबंधों में बाधा नहीं बनने देने पर सहमत दिख रहे हैं.
विदेश मंत्री रहमान ने एनएसए अजित डोभाल और तेल मंत्री हरदीप पुरी से भी मुलाकात की. भारत ने बांग्लादेशियों को चिकित्सा और व्यापार वीजा जल्द जारी करने का आश्वासन दिया. दोनों देश छात्र हत्या के आरोपियों को पकड़ने में सहयोग पर भी सहमत हुए.
यह यात्रा फरवरी में बीएनपी सरकार बनने के बाद बांग्लादेश की पहली उच्च स्तरीय भारत यात्रा है. दोनों पक्षों ने पुराने तनाव को पीछे छोड़ते हुए 'पारस्परिक सम्मान और लाभ' के आधार पर आगे बढ़ने का फैसला किया है.आने वाले दिनों में और ज्यादा सकारात्मक खबरें आने की उम्मीद है.