राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में 131 प्रतिष्ठित हस्तियों को 'पद्म पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया है. ये पुरस्कार कला, साहित्य, जनसेवा, खेल, चिकित्सा, विज्ञान और सामाजिक कार्य जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए दिए गए हैं. इस साल सरकार ने 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा की थी.
कला के क्षेत्र में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत), सार्वजनिक मामलों के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के.टी. थॉमस, कला क्षेत्र से शास्त्रीय संगीतकार एन. राजम, साहित्य और शिक्षा के लिए पी. नारायणन, और जनसेवा के लिए केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है.
इस सूची में गायिका अलका याग्निक, अभिनेता ममूटी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत), उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, उद्योगपति उदय कोटक, विज्ञापन विशेषज्ञ पीयूष पांडे (मरणोपरांत), खेल जगत से विजय अमृतराज, डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु, कल्ल पट्टी रामासामी पलानीस्वामी, वेल्लापल्ली नटेशन, एस.के.एम. मयलानंथन, शताभधानी आर. गणेश और वी.के. मल्होत्रा (मरणोपरांत) शामिल हैं.
खेल और मनोरंजन जगत के कई जाने-माने नामों को पद्म श्री मिला जिनमें अभिनेता आर. माधवन, क्रिकेटर रोहित शर्मा, भारतीय महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर, पैरा-एथलीट प्रवीन कुमार, अभिनेत्री व निर्माता सविता पुनिया और अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी शामिल हैं.
देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों और सांस्कृतिक हस्तियों को भी सम्मानित किया गया. इनमें ए.ई. मुथुनायगम, अनिल कुमार रस्तोगी, अरविंद वैद्य, अशोक खाड़े, बलदेव सिंह, दीपिका रेड्डी, गायत्री बालसुब्रमण्यम और रंजनी बालसुब्रमण्यम, हरि माधव मुखोपाध्याय (मरणोपरांत), कैलाश चंद्र पंत, कुमार बोस, महेंद्र कुमार मिश्रा, मोहन नगर, पद्म गुरमेत, प्रतीक शर्मा, रघुबीर तुकाराम खेडकर, सत्यनारायण नुवाल, शशि शेखर वेम्पति, सुभा वेंकटेश अयंगर, तरुण भट्टाचार्य और तृप्ति मुखर्जी के नाम मुख्य हैं. सरकार ने इन पुरस्कारों का एलान इसी साल जनवरी में किया था जो भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं.