पंजाब में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. बैलेट पेपर से चुनाव कराने के राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. मामले की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने मतदान से एक दिन पहले याचिका दायर करने पर याचिका कर्ता को कड़ी फटकार भी लगाई है. कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे समय में चुनाव को कतई बाधित नहीं किया जा सकता.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की विशेष बेंच ने सोमवार को पंजाब में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई की. बेंच ने याचिकाकर्ता रूचिरा गर्ग के अधिवक्ता से कड़े शब्दों में कहा कि मतदान से एक दिन पहले इस तरह की याचिका का क्या मतलब है? बेंच ने कहा कि आखिरी वक्त पर कुछ नहीं किया जा सकता. चुनावी प्रक्रिया अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई और आप अब आए हैं? आप क्या चाहते हैं चुनाव रोक दिए जाएं, ऐसा नहीं किया जा सकता.
मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की विशेष बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि आपको पहले से पता था कि निकाय चुनाव बैलेट पेपर से होने वाले हैं, फिर इतनी देर से कोर्ट क्यों आए? याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के एडीआर मामले में स्पष्ट आदेश के बाद बैलेट पेपर से चुनाव कराना गलत है. उक्त मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ईवीएम का इस्तेमाल चुनाव का मुख्य मानक होना चाहिए.
बता दें कि रूचिरा गर्ग की याचिका को पंजाब- हरियाणा हाई कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है. हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ रूचिरा गर्ग ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया था कि चुनाव आयोग के द्वारा पर्याप्त संख्या में ईवीएम मशीनें उपलब्ध न कराए जाने पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है. बता दें कि पंजाब के आठ नगर निगमों ाार 104 निकायों में 26 मई को मतदान होगा. वोटों की गिनती 29 मई को की जाएगी.