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India Daily

'ज्यादा भावुक न हों, इतनी बड़ी इमरजेंसी नहीं है', कॉक्रोच जनता पार्टी विवाद मामले में CJI की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने देश में तेजी से वायरल हो रहे व्यंग्यात्मक 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है.

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'ज्यादा भावुक न हों, इतनी बड़ी इमरजेंसी नहीं है', कॉक्रोच जनता पार्टी विवाद मामले में CJI की बड़ी टिप्पणी
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर वायरल और तेजी से सुर्खियां बटोर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के मामले में अब देश की सर्वोच्च अदालत ने बड़ी टिप्पणी की है. कॉक्रोच जनता पार्टी से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इंकार कर दिया है. सोमवार को देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने वकीलों को इस मामले में संयम बरतने की भी नसीहत दी है.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी.एम. पंचोली की खंडपीठ ने याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में ऐसी कोई गंभीर या असाधारण तात्कालिकता नजर नहीं आती. अदालत ने वकीलों को आश्वस्त किया कि इन सभी जनहित याचिकाओं (PILs) के कानूनी पहलुओं की जांच पूरी प्रक्रिया के तहत एक उचित समय पर की जाएगी.

वकीलों की दलील और सीजेआई की नसीहत

अदालत में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील एन.के. गोस्वामी ने बेहद आक्रामक अंदाज में दलील दी कि यह ऑनलाइन आंदोलन देश की न्यायपालिका की छवि को पूरी दुनिया के सामने धूमिल कर रहा है. इसलिए इस डिजिटल अभियान की सीबीआई (CBI) से जांच कराई जानी चाहिए. इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वकील को टोकते हुए बेहद शांत लहजे में एक बड़ी टिप्पणी की और कहा, 'इस पूरे मामले को आप लोग इतनी भावुकता से न लें.'

CJI की एक टिप्पणी से कैसे शुरू हो गया 'डिजिटल अभियान'?

दरअसल, यह पूरा कानूनी और सामाजिक विवाद सुप्रीम कोर्ट की एक पुरानी सुनवाई के दौरान सीजेआई द्वारा की गई मौखिक टिप्पणियों के बाद पैदा हुआ था. उस समय अदालत फर्जी कानून की डिग्रियों और वरिष्ठ वकीलों के दर्जे से जुड़े गंभीर मामलों पर बेहद तल्ख चर्चा कर रही थी. बातचीत के दौरान सीजेआई ने फर्जीवाड़ा करने वालों को 'समाज का परजीवी' कहा था और टिप्पणी की थी कि कुछ बेरोजगार युवा सोशल मीडिया और आरटीआई (RTI) के जरिए विभिन्न संस्थाओं पर 'कॉकरोच की तरह' हमला करते हैं.

सीजेआई की इस टिप्पणी को सोशल मीडिया पर बेरोजगार युवाओं का अपमान माना गया, जिसके जवाब में एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके ने व्यंग्य के रूप में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की स्थापना कर दी. खुद को आलसी और बेरोजगारों की आवाज बताने वाले इस डिजिटल आंदोलन ने देश के निराश युवाओं के दिलों को छू लिया. इस पार्टी ने अपने बेतुके हास्य और राजनीतिक कटाक्ष के दम पर इंस्टाग्राम पर कुछ ही दिनों में सत्तारूढ़ बीजेपी से भी ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए.

बढ़ते विवाद को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी बातों को गलत संदर्भ में पेश किया गया, क्योंकि वे केवल फर्जी डिग्रीधारियों पर बोल रहे थे. दूसरी तरफ, इस नई 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने अपने पांच सूत्रीय घोषणापत्र में मांग की है कि मुख्य न्यायाधीशों को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा की सीटें न मिलें, चुनावी सुधार हों, दलबदलू विधायकों पर लंबा प्रतिबंध लगे और महिलाओं को राजनीति में ज्यादा प्रतिनिधित्व दिया जाए.