असम में मंगलवार को भूकंप के झटकों ने लोगों को कुछ देर के लिए सहमा दिया. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.1 दर्ज की गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप का केंद्र असम के ग्वालपाड़ा क्षेत्र में था. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है. राज्य में आज अब तक एक ही भूकंप दर्ज किए जाने की जानकारी है.
असम में आए भूकंप से कुछ घंटे पहले अरुणाचल प्रदेश के बिछोम क्षेत्र में भी धरती हिली थी. वहां सुबह 5 बजकर 44 मिनट 15 सेकंड पर 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसका केंद्र 27.540 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 92.817 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था. भूकंप की गहराई जमीन के भीतर करीब 10 किलोमीटर बताई गई. भौगोलिक स्थिति के अनुसार केंद्र तवांग के आसपास का क्षेत्र था.
भूकंप धरती के भीतर होने वाली हलचल का नतीजा है. पृथ्वी की ऊपरी परत कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है. ये प्लेटें लगातार धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं. जब प्लेटें आपस में टकराती हैं, फिसलती हैं या एक-दूसरे के नीचे जाती हैं, तो उनके किनारों पर दबाव जमा होता है. दबाव अचानक निकलने पर धरती में कंपन पैदा होता है, जिसे हम भूकंप के झटकों के रूप में महसूस करते हैं.
असम और आसपास के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में समय-समय पर भूकंप महसूस किए जाते रहे हैं. मंगलवार को पहले अरुणाचल प्रदेश में हल्का झटका दर्ज हुआ और उसके कुछ घंटे बाद असम में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया. हालांकि दोनों घटनाओं में फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है. असम में आए भूकंप का केंद्र ग्वालपाड़ा क्षेत्र बताया गया है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर लोग भूकंप के झटकों को लेकर सतर्क नजर आए.