मानसून की सक्रियता के बीच 8 सितंबर को बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात और अन्य कई हिस्सों में बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है.
पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली और वज्रपात को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. वहीं, पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में मौसम खराब होने पर पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी गई है.
राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 13 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में 12 और 13 सितंबर को कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. उत्तराखंड में 8 और 9 सितंबर को बड़े हिस्से में बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में 8 से 13 सितंबर तक बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है.
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 से 11 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर को बारिश हो सकती है. विदर्भ में 8 से 10 सितंबर और 13 सितंबर को बारिश की संभावना है. लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों के पास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पूर्वी भारत में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है. बिहार में 10 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है. झारखंड में 12 और 13 सितंबर को बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल के गंगा वाले मैदानी इलाकों में 11 से 13 सितंबर तक मौसम खराब रह सकता है. ओडिशा में 8 और 9 सितंबर तथा 10 से 12 सितंबर के दौरान कई इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है. इस दौरान वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है.