पश्चिम बंगाल सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ा कदम उठाते हुए 25 से 60 वर्ष की दिव्यांग महिलाओं के लिए भत्ते में भारी वृद्धि की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय नवान्न से औपचारिक शुरुआत करते हुए बताया कि पात्र दिव्यांग महिलाओं को अब हर महीने 4,500 रुपये मिलेंगे. इसमें 1,500 रुपये दिव्यांग भत्ता और 3,000 रुपये अन्नपूर्णा योजना के शामिल हैं. इस फैसले से राज्य की लगभग 1.24 लाख दिव्यांग महिलाओं को सीधा फायदा पहुंचेगा.
राज्य सरकार ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग भत्ते की न्यूनतम राशि को भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह कर दिया है. सोमवार को ही 82.05 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में बढ़ी हुई राशि हस्तांतरित की गई. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर सालाना लगभग 14,771 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा, लेकिन सरकार जरूरतमंदों को बहुस्तरीय योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.
योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री के अनुसार, पात्र लोगों तक हक पहुंचाने के लिए लाभार्थी सूची का गहन सत्यापन किया जा रहा है ताकि अपात्रों को हटाकर नए पात्र लोगों को जोड़ा जा सके. राजस्व चोरी पर लगाम लगने से राज्य की आय में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
पिछली व्यवस्था की गड़बड़ियों को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पुरानी सभी प्रतीक्षा सूचियों को रद्द कर दिया गया है. अब 'आपकी सरकार आपके द्वार' और विशेष शिविरों के माध्यम से नए और योग्य लाभार्थियों का पारदर्शी तरीके से चयन होगा. इसके लिए नवंबर या दिसंबर के अंत में ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर दो दिवसीय विशेष आवेदन शिविर आयोजित किए जाएंगे.