मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) द्वारा बंगाल के लोगों से दुर्गा पूजा के दौरान शाकाहारी बनने की अपील के बाद विवाद खड़ा हो गया है. हावड़ा के लिलुआ में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान उन्होंने पूजा पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन की बिक्री पर आपत्ति जताई थी. उनके इस बयान पर पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस अपील को उनका व्यक्तिगत विचार करार दिया है.
CONGRATULATIONS BENGALI
The process of converting West Bengal into UP, Gujarat has been completed.
Calling Bengali's non-vege food as "Ganda food", Bageshwar Baba issued an edict not to eat non-vege during #DurgaPuja#BageswarDhamSarkar pic.twitter.com/l81kUPBUY8— Taj INDIA (@taj_india007) September 6, 2026Also Read
बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि बंगाल की संस्कृति में खान-पान पर किसी का नियंत्रण नहीं हो सकता. उन्होंने कहा, 'बंगाल के लोग मछली और मांस के बिना कैसे रह सकते हैं? यहां तक कि स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि मां काली को बकरे की बलि (मांस) अर्पित की जा सकती है. यदि कोई विवेकानंद से ऊपर उठने की कोशिश करता है, तो यह खतरनाक है.' उन्होंने कहा कि कोई भी साधु या राजनीतिक दल यह तय नहीं कर सकता कि लोग अपने घरों में क्या खाएंगे.
बागेश्वर बाबा की बात बंगाल BJP अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य को पसंद नहीं आई..?
— Romita Tiwari (@romita_tiwari) September 7, 2026
कहा- यहां किसी बाबा को खुद को स्वामी विवेकानंद से ऊपर नहीं समझना चाहिए...
बंगाली क्या खाएगा, यह बाहर से कोई तय नहीं करेगा... pic.twitter.com/FnO80ZyYlb
भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोग क्या पहनेंगे और क्या खाएंगे, इस पर पार्टी का कोई फरमान नहीं चलेगा. जो लोग धोती पहनना चाहते हैं वे धोती पहनेंगे और जो लुंगी पसंद करते हैं वे लुंगी पहनेंगे. बाहर से आए किसी व्यक्ति के बयान पर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. इस बयान के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बागेश्वर बाबा की टिप्पणी की तीखी आलोचना की है.
इस बीच, मुख्यमंत्री की दुर्गा पूजा आयोजकों के साथ बैठक के दौरान कोलकाता पुलिस द्वारा जारी एक डिजिटल पोस्टर पर भी विवाद खड़ा हो गया. इस पोस्टर में मां दुर्गा की 11 भुजाएं दिखाई गई थीं. तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने इसे लेकर तंज कसा, जिस पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि यह विज्ञापन एजेंसी की एक तकनीकी गलती थी जिसे सुधार लिया जाएगा.