पश्चिम बंगाल में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान शाहिद हुसैन के रूप में की गई है, जो बर्धमान जिले के निवासी हैं. बयान में कहा गया है कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सह-साजिशकर्ता कामरान कुरैशी उर्फ शाहरुख कुरैशी के रूप में हुई है. वह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सेरामपुर का निवासी है.
रामनवमी पर हुए हिंसक प्रदर्शन की कहानी: 2023 में रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में भारी हिंसा हुई थी. रामनवमी का जुलूस एक शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन समय के साथ यह प्रदर्शन बढ़ता चला गया. कई स्थानों पर जुलूस के दौरान पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिससे प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता महसूस हुई.
पुलिस ने कई स्थानों पर हिंसा के आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और तुरंत कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया. इस मामले में पहले भी कई आरोपियों को पकड़ा गया था, लेकिन शाहिद हुसैन की गिरफ्तारी इस घटनाक्रम में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शाहिद हुसैन को एक गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि आरोपी रामनवमी के दौरान होने वाली हिंसा में सक्रिय रूप से शामिल था और वह स्थिति को और उग्र बनाने में सहायक था.
रामनवमी के दौरान हुई हिंसा ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. हिंसा की घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और ऐसे आयोजनों के दौरान शांति बनाए रखने के लिए विशेष योजनाओं को लागू किया है. हालांकि, राज्य में कई जगहों पर तनाव अभी भी बना हुआ है, और पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न घटें.