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चुनाव लड़ा तब दो बच्चे थे, जीतकर पार्षद बने; अब तीसरा बच्चा हुआ तो DM ने किया अयोग्य घोषित

Amreli Local Body Councilors Disqualified: गुजरात भाजपा के नेता जब पार्षद का चुनाव लड़े तो वे दो-दो बच्चों के माता-पिता थे. अब दोनों पार्षदों के तीन-तीन बच्चे हो गए, जिसके बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है.

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चुनाव लड़ा तब दो बच्चे थे, जीतकर पार्षद बने; अब तीसरा बच्चा हुआ तो DM ने किया अयोग्य घोषित

Amreli Local Body Councilors Disqualified: गुजरात भाजपा के दो पार्षदों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है. अयोग्य घोषित होने वाले पार्षदों में एक महिला जबकि एक पुरुष शामिल है. जब दोनों नेताओं ने पार्षद का चुनाव लड़ा था, तब वे दो-दो बच्चों के माता-पिता था. अब दोनों पार्षदों को एक-एक और बच्चा हो गया है. मामले की जानकारी के बाद अमरेली जिला कलेक्टर अजय दहिया ने सोमवार को एक आदेश जारी कर खीमा कासोटिया और मेघना बोखा को तत्काल प्रभाव से पार्षद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया.

मामला अमरेली के दामनगर नगरपालिका का है. यहां के दोनों पार्षदों को गुजरात नगर पालिका अधिनियम, 1963 का उल्लंघन करते हुए तीन बच्चे होने के कारण अयोग्य घोषित किया गया है. अमरेली जिला कलेक्टर अजय दहिया  ने दामनगर नगरपालिका के मुख्य अधिकारी कृपेश पटेल की ओर से रिकॉर्ड में रखे गए जन्म प्रमाण पत्रों का हवाला देते हुए ये कार्रवाई की. हालांकि, पार्षदों की अयोग्यता से नगर निकाय पर भाजपा की पकड़ पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

2021 में दोनों नेताओं ने लड़ा था चुनाव

कासोटिया और बोखा ने 2021 में दामनगर नागरिक निकाय के लिए चुनाव लड़ा था. प्रमाण पत्रों से पता चला है कि वार्ड नंबर 2 से भाजपा पार्षद कासोटिया तीसरी बार पिता बने हैं और वार्ड नंबर 3 से भाजपा पार्षद बोखा तीसरी बार मां बनी हैं. कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पार्षदों की ओर से गुजरात नगर पालिका अधिनियम की धारा 11(1) (एच) का उल्लंघन किया गया है. 

कलेक्टर की ओर से बताया गया कि प्रतिवादी संख्या 1 (खीमा कासोटिया) और 2 (मेघना बोखा) के 2021 में दामनगर नगरपालिका के चुनाव के समय दो बच्चे थे और प्रतिवादी संख्या 1 को तीसरा बच्चा 10 मई, 2023 को पैदा हुआ और प्रतिवादी संख्या 2 को तीसरा बच्चा 14 मार्च, 2023 को पैदा हुआ. 4 अगस्त 2005 को पारित गुजरात नगरपालिका अधिनियम में धारा 11(1) (एच) जोड़ी गई. धारा 11(1) (एच) के मुताबिक, 4 अगस्त 2005 के बाद जिन पार्षदों के तीन बच्चे हुए हुए हैं, वे अयोग्य घोषित हो जाएंगे.

हीरा पब्लिशर ने दायर किया था आवेदन

कलेक्टर का यह आदेश दामनगर के एक हीरा पॉलिशर की ओर से 16 जनवरी को दायर किए गए आवेदन के जवाब में आया है. छगन भाक्सर की ओर से दिए गए आवेदन पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने दोनों पार्षदों से रिकॉर्ड मांगे. दोनों पार्षदों ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि नगर पालिका के चुनाव के बाद तीसरे बच्चे के जन्म पर ये नियम लागू नहीं होता. हालांकि, कलेक्टर ने उनकी आपत्तियों को खारिज कर दिया.

कसोटिया और बोखा दोनों ही पहली बार पार्षद बने थे. कसोटिया (26) ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मैं कलेक्टर के उस फैसले का अध्ययन करूंगा, जिसमें मुझे अयोग्य ठहराया गया है और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय करूंगा. हालांकि बोखा से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका, लेकिन उनके पति अरविंद ने कहा कि वे कलेक्टर के आदेश को स्वीकार करते हैं. अरविंद ने कहा कि अगर कोई नियम तीसरे बच्चे के माता-पिता बनने के लिए किसी को अयोग्य ठहराता है, तो हम इसके खिलाफ नहीं जाना चाहते हैं.