नई दिल्ली: दुनिया भर की एयरलाइंस में अचानक सतर्कता बढ़ गई जब यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने एयरबस A320 परिवार के विमानों के लिए एक जरूरी सुरक्षा निर्देश जारी किया. यह निर्देश हाल ही में एक जेटब्लू जेटलाइनर विमान में आए सोलर रेडिएशन से जुड़े गड़बड़ी के बाद जारी किया गया, जिसमें फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में खतरनाक खराबी दर्ज की गई थी. रिपोर्टों के अनुसार तीव्र सोलर फ्लेयर की वजह से एयरबस विमान के इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं और सबसे खराब स्थिति में विमान का अनकमांडेड मूवमेंट हो सकता है, जो स्ट्रक्चरल लिमिट से भी ऊपर जा सकता है.
यह निदेश दुनिया भर में चल रहे एयरबस A320 परिवार के आधे से अधिक विमानों को प्रभावित करता है. A320 दुनिया का सबसे ज्यादा उड़ाया जाने वाला कमर्शियल एयरक्राफ्ट है. भारत में भी DGCA के मुताबिक 338 विमानों में से 270 विमानों पर शनिवार शाम तक यह अपडेट लगा दिया गया. इसमें इंडिगो के 200, एयर इंडिया के 113 और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 25 विमान शामिल हैं.
हालांकि किसी एयरलाइन ने उड़ानें रद्द नहीं कीं, लेकिन दिन के पहले हिस्से में कई फ्लाइट्स में देरी दर्ज की गई. इंडिगो ने शनिवार रात 11 बजे तक अपने सभी प्रभावित विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट पूरा कर लिया. एयर इंडिया ने 90 प्रतिशत विमानों में अपडेट इंस्टॉल कर दिया और बाकी विमानों पर काम दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और कोलकाता में जारी रहा. DGCA ने अपनी जांच में पुष्टि की कि एयरलाइंस ने निर्देशों का पालन किया है.
फ्लाइटरडार24 के अनुसार केवल दिल्ली में ही 422 और मुंबई में 371 उड़ानों में औसतन 35 मिनट की देरी दर्ज हुई. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी अपने अधिकांश A320 विमानों में प्रिकॉशनरी अपग्रेड पूरा करने की जानकारी दी. यह निर्देश उस घटना के बाद आया, जो 30 अक्टूबर को कैनकन से नेवार्क जा रही एक जेटब्लू उड़ान में हुई थी. विमान अचानक नीचे की ओर झटका खा गया और दस लोग घायल हुए. जांच में पता चला कि विमान के ELAC 2 कंप्यूटर में खराबी आई थी. इसी प्रणाली को अब सोलर रेडिएशन से होने वाली संभावित खराबी का जोखिम माना गया है.
एयरबस ने माना कि इस पूरे सिस्टम अपडेट से एयरलाइंस को ऑपरेशनल चुनौतियां होंगी, खासकर उन विमानों में जिन्हें हार्डवेयर रिप्लेसमेंट की जरूरत है. लगभग एक हजार पुराने विमानों को ग्राउंड करके हार्डवेयर बदला जाएगा. A320 का fly-by-wire सिस्टम पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक इनपुट पर चलता है और ELAC सिस्टम विमान को सेफ्टी लिमिट में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
एयरबस A320 परिवार कंपनी की रीढ़ है और इसके 11 हजार से अधिक विमान दुनिया भर में सेवा में हैं. इसलिए इस तरह का निर्देश कंपनी और एयरलाइंस दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है.