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India Daily

हिंद महासागर में बढ़ा तनाव, IRIS Dena पर US हमले से पहले भारत ने दी दूसरे ईरानी जहाज को शरण; कोच्चि में ठहरे क्रू मेंबर्स

अमेरिकी हमले में ईरान का युद्धपोत IRIS डेना डूबने से पहले ईरान ने तकनीकी खराबी के कारण अपने दूसरे जहाज IRIS लवन को भारत के कोच्चि बंदरगाह में डॉक करने की अनुमति मांगी थी. भारत ने अनुमति देकर 183 क्रू मेंबर्स को शरण दी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
हिंद महासागर में बढ़ा तनाव, IRIS Dena पर US हमले से पहले भारत ने दी दूसरे ईरानी जहाज को शरण; कोच्चि में ठहरे क्रू मेंबर्स
Courtesy: @shanaka86 X account

नई दिल्ली: हिंद महासागर में बढ़ते तनाव के बीच श्रीलंका के पास एक ईरानी जंगी जहाज के डूबने से कुछ दिन पहले, ईरान ने भारत से रिक्वेस्ट की थी कि वह एक और नेवी शिप को तुरंत कोच्चि में डॉक करने दे. सूत्रों के मुताबिक भारत ने इस रिक्वेस्ट को मंजूरी दे दी है और शिप के 183 क्रू मेंबर के रहने का भी इंतजाम कर दिया है.

सरकारी सूत्रों के अनुसार ईरानी जहाज IRIS लवन में गंभीर टेक्निकल प्रॉब्लम आ गई थीं. ईरान की रिक्वेस्ट के बाद इसे 1 मार्च को इमरजेंसी डॉकिंग की परमिशन दे दी गई थी. खबर है कि ईरान ने भारत से संपर्क तब किया था जब श्रीलंका के तट पर एक US सबमरीन ने ईरानी जंगी जहाज IRIS देना को टॉरपीडो मारकर डुबो दिया था.

कितने ईरानी नाविकों की हुई मौत?

IRIS डेना भारत की मेजबानी में हुए मिलान मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने के बाद घर लौट रहा था. इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविकों के मारे जाने की खबर है. अभी ईरानी नेवी क्रू को दक्षिण भारत के कोच्चि में नेवल फैसिलिटी में रखा गया है. उनके जहाज की टेक्निकल जांच हो रहा है. जहाज को समय रहते सुरक्षित जगह गया.

हालांकि IRIS डेना हिंद महासागर में एक US सबमरीन से दागे गए टॉरपीडो की चपेट में आ गया और डूब गया. इस घटना ने इलाके में पहले से ही मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है. यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब ईरान, US और इजराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों तरफ से हमले जारी हैं.

कब की है ये घटना?

यह घटना 4 मार्च को श्रीलंका के गाले पोर्ट से लगभग 40 नॉटिकल मील दक्षिण में इंटरनेशनल पानी में हुई. खबर है कि जंगी जहाज ने सुबह एक डिस्ट्रेस कॉल जारी किया, जिसमें धमाके की खबर दी गई. हालांकि जब तक श्रीलंकाई रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, ईरानी जंगी जहाज डूब चुका था, जिसमें कई क्रू मेंबर मारे गए.

हिंद महासागर में हुई इस घटना ने इलाके की सुरक्षा को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. जहां एक ईरानी जंगी जहाज टेक्निकल वजहों से भारतीय पोर्ट पर पनाह लिए हुए है, वहीं उसका दूसरा जहाज डूब गया है. यह बात बताती है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर अब हिंद महासागर इलाके पर भी पड़ रहा है.