नई दिल्ली: यूनाइटेड स्टेट्स मिडिल ईस्ट में मेरोप्स नाम का एक नया एडवांस्ड एंटी-ड्रोन सिस्टम भेजने का प्लान बना रहा है. यह ईरान के साथ हाल के टेंशन के बाद हुआ है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पैट्रियट और THAAD मिसाइल जैसे मौजूदा डिफेंस सिस्टम बड़ी मिसाइलों के खिलाफ काफी अच्छा काम करते हैं, लेकिन उन्हें छोटे, सस्ते ड्रोन से काफी दिक्कत होती है. इन ड्रोन को रडार पर पहचानना कई बार मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वो धीरे उड़ते हैं और किसी पक्षी या छोटे प्लान जैसे दिखते हैं.
क्या है मेरोप्स: यह एक स्मार्ट सिस्टम है, जो दूसरे ड्रोन का इस्तेमाल करके ड्रोन से लड़ता है. यह इतना छोटा होता है कि पिकअप ट्रक के पीछे फिट हो सकता है. यह किसी भी ड्रोन को जल्दी ढूंढने में कारगर होता है और उनका पीछे करने समेत उन्हें गिराने के लिए एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करता है, फिर भले ही GPS या रेडियो सिग्नल ब्लॉक हों.
यह इसे उन इलाकों में बहुत ही ज्यादा काम का बनाता है, जहां दुश्मन कम्युनिकेशन को जाम करने की कोशिश करते हैं. इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि एक सस्ते ड्रोन को खत्म करने के लिए महंगी मिसाइलों पर लाखों डॉलर खर्च करने के बजाय, मेरोप्स काम को सुरक्षित और सस्ते में करने के लिए कम कीमत वाले काउंटर-ड्रोन का इस्तेमाल करता है.
इस सिस्टम को यूक्रेन में रूसी ड्रोन के खिलाफ पहले ही टेस्ट किया जा चुका है, जो सफल भी रहा है. इससे पोलैंड और रोमानिया जैसे NATO देशों को बचाने में मदद मिली थी. यह उस समय की बात है जब रूसी ड्रोन उनके एयरस्पेस में घुसे थे. अमेरिकी अधिकारी अब मिडिल ईस्ट में इसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन सिस्टम्स को कई जगहों पर लगाए जाने का प्लान है. इनमें वो जगहें भी शामिल हैं, जहां अमेरिकी सैनिक नहीं हैं.
जिन लोगों ने अमेरिकी कानून बनाया है और मिलिट्री लीडर ये मानते हैं कि यह समस्या काफी गंभीर है. बता दें कि ईरानी ड्रोन सस्ते होते हैं और बड़ी संख्या में आते हैं, जिससे उन्हें रोकना मुश्किल और महंगा हो जाता है. पेंटागन जानता है कि खाड़ी में कुछ अमेरिकी बेस अभी भी ड्रोन हमलों के खतरे के रडार में हैं. डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि मिलिट्री ने कोई भी हमला शुरू करने से पहले एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन को एड किया है, लेकिन कोई भी डिफेंस सब कुछ नहीं रोक सकता.
एक्सपर्ट्स ने कहा है कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन से लड़ने के लिए बेहतर, सस्ते तरीकों की जरूरत होगी. इसी दिशा में मेरोप्स एक अहम कदम माना जा रहा है.