देशभर में छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में हैं. उनकी मां ने खुलासा किया है कि पिछले दो वर्षों से लगातार विवाह प्रस्ताव आने के बावजूद उन्होंने शादी का फैसला टाल रखा है और इसकी वजह भी साफ बताई है.
अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने बताया कि परिवार के पास पिछले करीब दो वर्षों से लगातार विवाह प्रस्ताव आ रहे हैं. यह सिलसिला उस समय से शुरू हुआ था, जब अभिजीत राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नहीं हुए थे. उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि बेटा जल्द अपना घर-परिवार बसाए, लेकिन अभिजीत हर बार एक ही बात कहते हैं कि जब तक वह अपनी पढ़ाई पूरी कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन जाते, तब तक शादी नहीं करेंगे. उनके इस फैसले का परिवार सम्मान करता है, हालांकि माता-पिता की इच्छा स्वाभाविक रूप से अलग है.
अनीता दिपके के मुताबिक, उन्होंने कई बार बेटे को समझाया कि परिवार को किसी आर्थिक परेशानी का सामना नहीं है और शादी में उनकी पूरी मदद की जाएगी. इसके बावजूद अभिजीत ने साफ कहा कि वह अपने दम पर कमाई करने के बाद ही विवाह करेंगे. उनकी मां का कहना है कि उनका बेटा बेहद ईमानदार स्वभाव का है और शादी में कपड़ों के अलावा किसी प्रकार का उपहार या आर्थिक सहयोग स्वीकार करने के पक्ष में भी नहीं है. यही सोच उनके फैसले की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है.
बोस्टन से भारत लौटने के बाद अभिजीत दिपके ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई. इस आंदोलन के बाद उनकी पहचान पूरे देश में बनी और उनकी निजी जिंदगी भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बन गई. हालांकि, आंदोलन समाप्त होने के बाद भी वह सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय हैं. उनकी मां ने बताया कि व्यस्तता के कारण उनसे बहुत कम बातचीत हो पाती है और दोनों के बीच अधिकतर स्वास्थ्य और हालचाल को लेकर ही चर्चा होती है.
अनीता दिपके ने बताया कि अभिजीत फिलहाल अस्वस्थ हैं और उन्होंने उन्हें पहले पूरी तरह स्वस्थ होने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि बेटे के घर लौटने के बाद भी कम से कम एक महीने तक शादी की कोई चर्चा नहीं करेंगी. उनका मानना है कि हर माता-पिता की तरह वह भी अपने बेटे को परिवार के साथ खुशहाल जीवन जीते देखना चाहती हैं, लेकिन अंतिम फैसला अभिजीत का ही होगा. फिलहाल परिवार उनकी सेहत और भविष्य को लेकर अधिक चिंतित है, जबकि विवाह का विषय बाद के लिए छोड़ दिया गया है.