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India Daily

‘PG माफिया’ की जांच से लेकर मुआवजे तक... सत्य निकेतन PG हादसे के बाद CJP ने 7 मांगें रखीं

सत्य निकेतन PG हादसे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने सात मांगें रखीं.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
‘PG माफिया’ की जांच से लेकर मुआवजे तक... सत्य निकेतन PG हादसे के बाद CJP ने 7 मांगें रखीं
Courtesy: X

Satya Niketan PG Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने की घटना के बाद सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने सात मांगें रखीं. पार्टी ने हादसे की स्वतंत्र जांच के साथ छात्रों के लिए सुरक्षित आवास, अवैध निर्माण पर कार्रवाई और पुराने सर्वे रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की.

CJP ने PG माफिया की जांच की मांग उठाई

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जांच सिर्फ PG मालिक तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मालिक, राजनेताओं और अन्य लोगों के बीच संभावित मिलीभगत की भी जांच होनी चाहिए. संगठन ने स्कूलों, कॉलेजों और छात्र आवासों का तय समय में इंजीनियरिंग स्तर पर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की. साथ ही अवैध निर्माण सील करने, जिम्मेदार मालिकों पर कार्रवाई और छात्रों के पुनर्वास की बात कही. CJP ने एक सार्वजनिक डेटाबेस बनाने की भी मांग रखी, जहां लोग यह देख सकें कि छात्र आवास को मंजूरी मिली है या नहीं और वह सुरक्षित है या नहीं.

सरकारी हॉस्टल और मुआवजे की मांग

संगठन ने दिल्ली विश्वविद्यालय समेत दूसरे छात्रों के लिए सरकारी हॉस्टल बनाने की मांग की. इसके अलावा हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये तक और घायलों को 20 लाख रुपये तक मुआवजा देने की अपील की गई. CJP ने 3 जून 2026 को मालवीय नगर होटल में आग के बाद बनाई गई 13 जिला समितियों का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक करने को कहा. संगठन के अनुसार इन समितियों को इमारतों की पहचान, ऑडिट, नियम लागू करने और सीलिंग का काम दिया गया था. दास ने 48 घंटे में उनकी कार्रवाई और सत्य निकेतन सर्वे से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने की मांग की.

हाई कोर्ट ने MCD से मांगी हाई लेवल जांच

दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सोमवार को सत्य निकेतन हादसे की MCD के सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर जांच कराने का निर्देश दिया. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कहा कि पहली नजर में ऐसी घटना की जिम्मेदारी केवल PG मालिक की नहीं मानी जा सकती. जांच में यह पता लगाने को कहा गया है कि इमारत का निर्माण जरूरी मंजूरियों के साथ हुआ था या नहीं. साथ ही किसी सरकारी अधिकारी की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान और उनके खिलाफ की गई या प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी देने को कहा गया है.