नई दिल्ली: पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. 26 मार्च 2026 को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बादल छाए रहेंगे. हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी भी संभव है, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन यात्रा करने वालों को सावधानी बरतनी होगी.
दिल्ली-एनसीआर में 26 मार्च को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है. शाम या रात के वक्त हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिसके साथ तेज हवाएं चलेंगी. हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि दोपहर में कभी-कभी 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकें भी आ सकती हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी यही हाल रहेगा.
दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोग थोड़ी ठंडक महसूस करेंगे. सुबह का तापमान करीब 18 डिग्री के आसपास रह सकता है, जबकि अधिकतम 34 डिग्री तक पहुंच सकता है. किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि तेज हवाएं नुकसान पहुंचा सकती हैं. शहर के लोगों को भी बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखने की सलाह दी जाती है. कुल मिलाकर यह बदलाव गर्मी के बढ़ते मौसम में राहत देने वाला साबित होगा.
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव ज्यादा गहरा रहेगा. कई जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिर सकती है. इससे वहां का तापमान एक बार फिर नीचे आएगा और ठंड की हल्की वापसी हो सकती है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सड़कों पर सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि फिसलन बढ़ सकती है.
ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने वाले लोग मौसम विभाग की अपडेट नियमित रूप से चेक करें. बारिश से नदियों और नालों में पानी बढ़ सकता है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वालों को अलर्ट रहना होगा. यह मौसम कृषि के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, लेकिन बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव जरूरी है. कुल मिलाकर पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का यह दौर ठंड और नमी दोनों लाएगा.
मुंबई में 26 मार्च को मौसम सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन उमस बढ़ सकती है. दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं. किसान इस मौसम का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन ज्यादा बारिश न होने से फसलों पर असर सीमित रहेगा. शहर के लोगों को गर्मी और उमस से राहत के लिए हल्के कपड़े पहनने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है. कुल मिलाकर महाराष्ट्र में मौसम मिश्रित रहेगा, जहां कुछ हिस्सों में नमी बढ़ेगी तो कुछ में गर्मी बनी रहेगी.
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में 26 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की जा सकती हैं. मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. लोगों को खुले में न रहने और सुरक्षित जगह पर रहने की हिदायत दी गई है. खासकर किसानों और मछुआरों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि समुद्री क्षेत्रों में भी प्रभाव पड़ सकता है. यह बारिश गर्मी को कम करेगी और फसलों के लिए नमी प्रदान करेगी. हालांकि बिजली गिरने से जानमाल का खतरा हो सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है. दक्षिण भारत में इस मौसम का दौर कई दिनों तक जारी रह सकता है.
देश के अलग-अलग शहरों में तापमान में मामूली बदलाव देखने को मिलेगा. दिल्ली में अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री, मुंबई में 37 डिग्री अधिकतम और 22 डिग्री न्यूनतम, चेन्नई में 33 और 25 डिग्री, कोलकाता में 33 और 25 डिग्री, लखनऊ में 33 और 19 डिग्री के आसपास रहेगा. शिमला और नैनीताल जैसे पहाड़ी शहरों में तापमान और नीचे रहेगा. मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के लोगों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी नियमित रूप से चेक करें और जरूरी सावधानियां बरतें. बच्चों और बुजुर्गों को खास ध्यान देने की जरूरत है. कुल मिलाकर 26 मार्च का दिन मौसम के लिहाज से सक्रिय रहेगा, जो देश के विभिन्न हिस्सों में राहत और चुनौतियां दोनों लेकर आएगा.