कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' कांड पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना की मूल वजह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व की भेदभावपूर्ण मानसिकता और उनकी विचारधारा है.
थरूर ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि इसे केवल राजनीतिक विवाद या सफाई का नाम देकर छिपाया नहीं जा सकता. एक प्रमुख दलित नेता की मौजूदगी के बाद ऐसा अनुष्ठान करना छुआछूत का आचरण है. यह असंवैधानिक होने के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है.
थरूर ने कहा कि यदि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम दलित नागरिकों को रोजाना किन अपमानों का सामना करना पड़ता होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि "खड़गे जी के लिए न्याय ही देश के सभी दलितों के लिए न्याय है" और कांग्रेस इस पर चुप नहीं बैठेगी.
The Constitution of India leaves no room for ambiguity: untouchability is abolished and its practice in any form is forbidden.
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) August 29, 2026
What transpired recently in #Haldwani is not just an attack on @incindia President Mallikarjun @Kharge Ji; it is a direct assault on the dignity of… https://t.co/GjJzJm3Plo
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की थी. उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से यह एक अपराध है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से उत्तराखंड में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देने की मांग की है.