आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग रात को ठीक से नहीं सो पाते. काम का प्रेशर, मोबाइल-लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल और अनियमित दिनचर्या के कारण नींद प्रभावित हो रही है. नींद सिर्फ आराम नहीं, बल्कि शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने का जरिया है. डॉक्टरों के अनुसार हर रोज 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है. अगर लगातार कम नींद आती है तो इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
नींद की कमी से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. लंबे समय तक ऐसा रहने पर हृदय रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा हो जाता है. नींद न आने पर शरीर में सूजन बढ़ती है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी प्रभावित होता है. अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग 6 घंटे से कम सोते हैं, उनमें दिल की बीमारियां अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा देखी जाती हैं.
कम नींद लेने से ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो सकता है. इससे इंसुलिन हार्मोन प्रभावित होता है और टाइप-2 डायबिटीज का रिस्क दोगुना हो जाता है. नींद की कमी शरीर में भूख और भरा हुआ महसूस करने वाले हार्मोन को बिगाड़ देती है. नतीजा यह होता है कि व्यक्ति ज्यादा खाता है और वजन बढ़ने लगता है, जो डायबिटीज को और बढ़ावा देता है.
नींद कम होने पर भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन ज्यादा बनता है और भरा हुआ महसूस कराने वाला लेप्टिन कम हो जाता है. इससे रात को अनहेल्दी स्नैक्स खाने की आदत पड़ जाती है. कई अध्ययनों में साबित हुआ है कि कम सोने वाले लोगों में मोटापा ज्यादा आम है. मानसिक स्वास्थ्य पर असरनींद की कमी से गुस्सा, चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. दिमाग ठीक से आराम न मिलने पर एकाग्रता कम होती है, याददाश्त प्रभावित होती है और मूड स्विंग्स होने लगते हैं. लंबे समय में यह डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है.
कम नींद से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है. छोटी-छोटी बीमारियां जैसे सर्दी-जुकाम बार-बार होने लगती हैं.
स्लीप पैटर्न कैसे सुधारें?
रोज की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव से नींद की क्वालिटी बेहतर की जा सकती है:-
नियमित समय: रोज एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें. छुट्टियों में भी ज्यादा अंतर न रखें.
स्क्रीन से दूरी: सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप बंद कर दें. ब्लू लाइट नींद आने वाले हार्मोन को रोकती है.
आरामदायक वातावरण: कमरा ठंडा, अंधेरा और शांत रखें। आरामदायक बिस्तर और तकिया इस्तेमाल करें.
खान-पान का ध्यान: रात को भारी भोजन न करें. कैफीन वाली चीजें शाम के बाद अवॉइड करें. अल्कोहल से भी बचें.
व्यायाम: दिन में 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें, लेकिन सोने से ठीक पहले नहीं.
आराम की दिनचर्या: सोने से पहले हल्का संगीत सुनें, किताब पढ़ें या ध्यान लगाएं. दिन में छोटी झपकी से बचें.
तनाव कम करें: योग, प्राणायाम या डीप ब्रीदिंग से मन शांत रखें.
अच्छी नींद से शरीर ऊर्जावान रहता है, इम्यूनिटी मजबूत होती है और जिंदगी खुशहाल बनती है. अगर नींद की समस्या लंबे समय से है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. आज से ही अपनी दिनचर्या बदलकर स्वस्थ नींद की शुरुआत करें.