Ebola Virus: इबोला वायरस ने एक बार फिर दुनिया को चिंता में डाल दिया है. मई 2026 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में बंडीबुग्यो स्ट्रेन का नया प्रकोप शुरू हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है. इस स्ट्रेन का कोई प्रभावी वैक्सीन या विशेष दवा अभी उपलब्ध नहीं है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है.
इबोला एक खतरनाक वायरस है जो Orthoebolavirus परिवार से संबंधित है. अब तक इसके छह प्रकार पहचाने गए हैं. जानवरों से इंसानों में यह वायरस पहुंचता है. फल खाने वाले चमगादड़ों को इसका मुख्य स्रोत माना जाता है. जब इंसान संक्रमित जानवर के संपर्क में आता है, तो वायरस फैलना शुरू हो जाता है.
इबोला हवा से नहीं फैलता. यह केवल संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों (खून, उल्टी, दस्त, लार, पसीना, वीर्य आदि) के सीधे संपर्क से फैलता है.
संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करते समय
अंतिम संस्कार के दौरान मृत शरीर को छूने से
दूषित सुई या कपड़ों से
संक्रमित व्यक्ति से यौन संपर्क से (कुछ हफ्तों तक)
एक व्यक्ति तब तक दूसरों को संक्रमित नहीं कर सकता जब तक उसके लक्षण न दिखने लगे.
लक्षण संक्रमण के 2 से 21 दिनों के अंदर दिख सकते हैं. शुरुआत सामान्य वायरल बुखार जैसी होती है, जिससे पहचान मुश्किल हो जाती है.
शुरुआती लक्षण:- तेज बुखार
थकान और कमजोरी
सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द
गले में खराश
बाद के गंभीर लक्षण:- उल्टी और दस्त
पेट दर्द
शरीर पर चकत्ते
आंखों में लालिमा
लीवर और किडनी की समस्या
कुछ मामलों में अंदरूनी या बाहरी खून बहना
बीमारी की गंभीरता बढ़ने पर मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है.
इबोला का कोई सटीक इलाज नहीं है. मुख्य रूप से सहायक इलाज दिया जाता है:-
ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स देना
बुखार और दर्द की दवाएं
संक्रमण से बचाव के लिए एंटीबायोटिक्स (अगर जरूरी हो)
ऑक्सीजन और ब्लड प्रेशर नियंत्रण
ध्यान रखें Zaire स्ट्रेन के लिए कुछ दवाएं और वैक्सीन उपलब्ध हैं, लेकिन बंडीबुग्यो स्ट्रेन के लिए अभी कोई मंजूर दवा या वैक्सीन नहीं है. डॉक्टर केवल लक्षणों के आधार पर इलाज करते हैं.
1976 में पहला बड़ा प्रकोप सूडान और कांगो में हुआ. 2014-16 का पश्चिम अफ्रीका प्रकोप सबसे भयानक था, जिसमें हजारों लोग मारे गए. वर्तमान प्रकोप में सैकड़ों संदिग्ध मामले और कई मौतें हो चुकी हैं.
संक्रमित क्षेत्र में यात्रा से बचें
हाथ धोते रहें
संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं
सही PPE (सुरक्षा किट) का इस्तेमाल करें.
इबोला घातक हो सकता है, लेकिन समय पर देखभाल और जागरूकता से कई जानें बचाई जा सकती हैं.