लखनऊ: आगामी ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहार के दौरान शांति, सुरक्षा और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. बकरीद का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा और राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों और पुलिस विभागों को अलर्ट रहने को कहा है ताकि सभी कार्यक्रम कानून और पारंपरिक तौर-तरीकों के दायरे में संपन्न हो सकें.
लखनऊ में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों से साफ कहा कि खुले सार्वजनिक स्थानों पर नमाज और कुर्बानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि नमाज केवल मस्जिद परिसरों के भीतर ही पढ़ी जाए. किसी भी कीमत पर सड़कों, गलियों या सार्वजनिक जगहों को नमाज के लिए ब्लॉक न किया जाए. अगर नमाज के लिए बहुत ज्यादा लोग इकट्ठा होते हैं तो स्थानीय प्रशासन को भीड़ से बचने के लिए शिफ्टों में नमाज का इंतजाम करने की सलाह दी गई है.
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि खुले इलाकों में जानवरों की कुर्बानी नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर पूरी तरह बैन लगा दिया है और अधिकारियों को चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी शख्स के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए.
कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सरकार का इस बार त्योहार पर साफ-सफाई पर भी पूरा ध्यान है. सीएम योगी ने स्थानीय निकायों और नगर निगम की टीमों को निर्देश दिया कि वे कुर्बानी के बाद कचरे के निपटारे और साफ-सफाई का पुख्ता इंतजाम करें ताकि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी या बदबू न फैले. अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों की नियमित सफाई करने और कचरे को सही जगह ठिकाने लगाने के लिए कहा गया है.
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है. राज्य भर के ईदगाहों और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा. भीड़भाड़ वाले स्थानों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए गए हैं. यूपी सरकार का कहना है कि इन कदमों का मकसद बकरीद के दौरान शांतिपूर्ण माहौल और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.