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महिलाओं में चुपके-चुपके बढ़ रहा UTI का खतरा, इन 6 लक्षणों को नजरअंदाज किया तो पछताना पड़ सकता है

महिलाओं में यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) तेजी से बढ़ रही समस्या बनती जा रही है. छोटे मूत्रमार्ग की वजह से बैक्टीरिया आसानी से संक्रमण फैला देते हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
महिलाओं में चुपके-चुपके बढ़ रहा UTI का खतरा, इन 6 लक्षणों को नजरअंदाज किया तो पछताना पड़ सकता है
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती आदतों ने महिलाओं को कई स्वास्थ्य समस्याओं से घेर लिया है. इन्हीं में एक आम लेकिन गंभीर समस्या है यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI.  खासकर महिलाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. अगर शुरुआत में ही लक्षणों को पहचान लिया जाए तो गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है.

UTI क्यों होता है महिलाओं को ज्यादा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं का मूत्रमार्ग पुरुषों की तुलना में काफी छोटा होता है. इससे बैक्टीरिया जैसे E. coli आसानी से अंदर घुसकर ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं. गंदगी, हाइजीन की कमी, हार्मोनल बदलाव और कुछ आदतें इस संक्रमण का खतरा बढ़ा देती हैं. 

UTI के तीन मुख्य प्रकार

यूटीआई मुख्य रूप से तीन तरह का होता है. सबसे आम है ब्लैडर इंफेक्शन (सिस्टाइटिस) जिसमें पेशाब में जलन और दर्द होता है. यूरेथ्रा इंफेक्शन (यूरेथ्राइटिस) में पेशाब करते समय चुभन महसूस होती है. सबसे खतरनाक है किडनी इंफेक्शन (पाइलोनेफ्राइटिस) जिसमें बुखार और पीठ दर्द के साथ स्थिति गंभीर हो जाती है.

6 शुरुआती लक्षण जो कभी नजरअंदाज न करें  

  • पेशाब करते समय दर्द, जलन या चुभन  
  • पेशाब में बदबू या धुंधलापन  
  • बार-बार पेशाब आने का महसूस होना  
  • रात में बार-बार टॉयलेट जाना  
  • पेशाब में खून आना  
  • तेज बुखार के साथ कमर या पीठ में दर्द
  • ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. 

UTI से बचाव के आसान उपाय

दिन में 8-10 ग्लास पानी पिएं, पेशाब को देर तक न रोकें. टॉयलेट इस्तेमाल करने या संबंध बनाने के बाद अच्छे से सफाई करें. पब्लिक टॉयलेट में सावधानी बरतें. साफ-सफाई पर खास ध्यान दें. सही हाइजीन और आदतों से UTI को रोका जा सकता है.

कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास?

अगर पेशाब में जलन, बदबू और तेज बुखार साथ में हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. खासकर पेशाब में खून आने पर बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. समय पर इलाज न होने पर संक्रमण किडनी तक पहुंचकर गंभीर रूप ले सकता है.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.