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प्रेग्नेंट महिलाओं को 9 महीने तक इन फलों से कर लेनी चाहिए तौबा! नहीं तो पड़ सकता है पछताना

प्रेग्नेंसी के 9 महीनों में महिला जो भी खाती है, उसका सीधा असर उसके होने वाले बच्चे की सेहत पर पड़ता है. पौष्टिक आहार से बच्चे का विकास अच्छा होता है, लेकिन कुछ फल ज्यादा मात्रा में नुकसान पहुंचा सकते हैं.

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Edited By: Antima Pal
प्रेग्नेंट महिलाओं को 9 महीने तक इन फलों से कर लेनी चाहिए तौबा! नहीं तो पड़ सकता है पछताना
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Fruits Avoid During Pregnancy: प्रेग्नेंसी के 9 महीनों में महिला जो भी खाती है, उसका सीधा असर उसके होने वाले बच्चे की सेहत पर पड़ता है. पौष्टिक आहार से बच्चे का विकास अच्छा होता है, लेकिन कुछ फल ज्यादा मात्रा में या कच्चे रूप में नुकसान पहुंचा सकते हैं. डॉक्टरों की सलाह है कि प्रेग्नेंसी में कुछ फलों से सावधानी बरतनी चाहिए.

अनानास

अनानास में ब्रोमेलैन नामक एंजाइम होता है. यह गर्भाशय ग्रीवा को नरम कर सकता है और संकुचन पैदा कर सकता है. खासकर पहले तीन महीनों में ज्यादा अनानास खाने से जल्दी प्रसव या अन्य परेशानी का खतरा बढ़ सकता है. पके और कम मात्रा में कभी-कभी खाया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर से पूछकर ही लें.

पपीता 

पपीता पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन कच्चा या आधा पका पपीता पूरी तरह से अवॉइड करना चाहिए. इसमें लेटेक्स और पपैन होता है जो गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकता है और मिसकैरेज का खतरा बढ़ा सकता है. पूरी तरह पका हुआ पपीता थोड़ी मात्रा में ज्यादातर महिलाओं के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन सावधानी जरूरी है.

अंगूर

अंगूर पौष्टिक फल है, लेकिन इसमें रेस्वेराट्रोल नामक तत्व ज्यादा मात्रा में होता है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा अंगूर खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, खासकर आखिरी तिमाही में. गैस, एसिडिटी या ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या हो सकती है. इसलिए सीमित मात्रा में ही खाएं और अच्छे से धोकर.

केला

केला आमतौर पर प्रेग्नेंसी में फायदेमंद और सुरक्षित माना जाता है. यह एनर्जी और पोटैशियम देता है. लेकिन अगर आपको गेस्टेशनल डायबिटीज है या एलर्जी है तो डॉक्टर की सलाह से मात्रा नियंत्रित रखें.

तरबूज

तरबूज गर्मियों में बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जो डिहाइड्रेशन से बचाता है. लेकिन कुछ मामलों में ज्यादा खाने से पेट की परेशानी या ब्लड शुगर बढ़ सकता है. हमेशा ताजा और साफ तरबूज चुनें.

सलाह

हर फल की मात्रा संतुलित रखें. कच्चे फलों से पूरी तरह बचें. हमेशा डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लें क्योंकि हर महिला की गर्भावस्था अलग होती है. सेब, संतरा, अनार, अमरूद और मौसमी फल प्रेग्नेंसी में बेहतर विकल्प हो सकते हैं. स्वस्थ गर्भावस्था के लिए पौष्टिक और सुरक्षित आहार बहुत जरूरी है. इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप अपने और बच्चे दोनों की सेहत बचा सकती हैं.