Heatwave Health: जब आसमान से आग बरस रही हो और हवा में उमस भरी हुई हो, तब शराब पीना शरीर के लिए कई गुना ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है. गर्मी के मौसम में शराब का सेवन न सिर्फ डिहाइड्रेशन बढ़ाता है, बल्कि हीट स्ट्रोक और अन्य गंभीर समस्याओं को भी न्योता देता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी मुसीबत बन सकती है. शराब को डाइयूरेटिक पेय कहा जाता है, यानी यह शरीर से पानी तेजी से बाहर निकालती है. सामान्य दिन में भी शराब पीने के बाद बार-बार पेशाब आना आम बात है. लेकिन गर्मी में जब शरीर पहले से ही पसीने के रूप में ढेर सारा पानी खो रहा होता है, तब शराब इस कमी को और तेज कर देती है.
अगर शराब के साथ उल्टी भी हो जाए तो शरीर में पानी के साथ-साथ जरूरी नमक और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी और बढ़ जाती है. इससे थकान, कमजोरी, सिर चकराना और सूखा मुंह जैसे लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं.
शरीर का अपना एक प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम है – पसीना. पसीने के जरिए शरीर गर्मी को बाहर निकालता है. लेकिन जब डिहाइड्रेशन हो जाता है तो पसीना बनना कम हो जाता है. शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता और यह तेजी से बढ़ने लगता है. यही स्थिति हीट स्ट्रोक की ओर ले जाती है.
हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उलझन महसूस होना, ज्यादा प्यास लगना और कमजोरी शामिल हैं. आगे चलकर बेहोशी, दौरे पड़ना या शरीर का तापमान 104 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंचना भी हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए. देरी जानलेवा साबित हो सकती है.
गर्मी में शराब पीने वाले लोगों को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि पानी पूरी मात्रा में पीना जरूरी है. शराब के साथ-साथ सादा पानी, नमक-चीनी का घोल (ORS), नारियल पानी या छाछ जैसी चीजें भी लें. शराब पीकर सीधे धूप में घूमने, गाड़ी चलाने या भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. शराब पीने के बाद शरीर पहले से ज्यादा गर्म हो जाता है, इसलिए एयर कंडीशनर वाली ठंडी जगह पर रहना बेहतर है. ज्यादा मात्रा में शराब बिल्कुल न पिएं. अगर आपको पहले से कोई बीमारी जैसे ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या किडनी की समस्या है तो गर्मी में शराब से पूरी तरह परहेज करें.