Should Pregnant Women Do Yoga: हर साल 21 जून को इंटरनेशनल डे ऑफ योगा मनाया जाता है। साल 2026 का थीम है 'Yoga for Healthy Ageing' योग सिर्फ बुजुर्गों या सामान्य लोगों के लिए नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी बेहद फायदेमंद है. गर्भावस्था में शारीरिक और मानसिक बदलाव आते हैं, लेकिन सही तरीके से किया गया योग मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ रख सकता है.
डॉक्टर्स के मुताबिक गर्भावस्था में प्रीनेटल योगा पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने बताया- 'गर्भवती महिलाओं के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस बहुत जरूरी है. प्रीनेटल योगा मां और आने वाले बच्चे दोनों के लिए बेहद लाभकारी साबित होता है.' गर्भावस्था में कमर दर्द, नींद न आना, सूजन और तनाव जैसी समस्याएं आम हैं. डॉक्टर की सलाह के बाद हल्का योग इन समस्याओं से राहत दिला सकता है.
1. कमर दर्द से राहत
गर्भावस्था के दूसरे और तीसरे तिमाही में पेट के बढ़ने से कमर, कूल्हे और पीठ पर दबाव पड़ता है. प्रीनेटल योग आसन मुद्रा सुधारते हैं और मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं.
सुझाए गए आसन: कैट-काऊ पोज, बटरफ्लाई पोज और चाइल्ड पोज. ये आसन पीठ की मांसपेशियों को आराम देते हैं.
2. बेहतर नींद
गर्भावस्था में हार्मोनल बदलाव और शारीरिक असुविधा के कारण नींद नहीं आती. योग में सांस लेने के व्यायाम और रिलैक्सेशन टेक्नीक गहरी नींद लाने में मदद करते हैं. इससे मां को पूरे दिन तरोताजा महसूस होता है.
3. खून का बहाव बढ़ाता है और सूजन कम करता है
योग आसन रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं. इससे पैरों और हाथों की सूजन में कमी आती है. बेहतर ब्लड फ्लो बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाने में भी मदद करता है.
4. प्रसव के लिए शरीर को मजबूत बनाता है
नियमित योग पेल्विक मसल्स को मजबूत करता है, लचीलापन बढ़ाता है और स्टेमिना विकसित करता है. इससे नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ सकती है और प्रसव के दौरान दर्द कम हो सकता है.
5. भावनात्मक स्थिरता
गर्भावस्था में मूड स्विंग्स, चिंता और तनाव आम है. योग श्वास व्यायाम (प्राणायाम) और ध्यान मन को शांत रखते हैं. इससे मां का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है, जो बच्चे के विकास के लिए भी जरूरी है.
ध्यान देने वाली बात...
हर गर्भवती महिला को योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए. शुरुआत में ट्रेंड प्रीनेटल योगा इंस्ट्रक्टर के मार्गदर्शन में ही आसन करें. तेज हरकत, पेट पर दबाव डालने वाले या बैकबेंड वाले आसन से बचें.