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दुनिया का पहला HIV-से-HIV फेफड़े का ट्रांसप्लांट सफल, मरीजों के लिए जगी नई उम्मीद

इससे पहले HIV पॉजिटिव मरीज HIV नेगेटिव डोनर के अंग ही ले पाते थे. HIV पॉजिटिव अंगों का उपयोग नहीं होता था. इस सफलता के बाद अब HIV संक्रमित लोगों के अंगों का भी उपयोग किया जा सकेगा.

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Edited By: Antima Pal
दुनिया का पहला HIV-से-HIV फेफड़े का ट्रांसप्लांट सफल, मरीजों के लिए जगी नई उम्मीद
Courtesy: Pinterest

न्यूयॉर्क के NYU Langone Health अस्पताल के डॉक्टरों ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. उन्होंने दुनिया का पहला HIV पॉजिटिव डोनर से HIV पॉजिटिव रिसीवर को फेफड़ों का ट्रांसप्लांट किया है. यह सफल ऑपरेशन 21 मार्च 2026 को किया गया. इस उपलब्धि से HIV संक्रमित मरीजों के लिए अंग दान की नई राह खुल गई है.

दुनिया के पहले HIV-से-HIV फेफड़े के ट्रांसप्लांट से जगी नई उम्मीद

56 वर्षीय बर्ट्रांड नेल्सन इस ट्रांसप्लांट के लाभार्थी बने. वे पिछले 20 साल से HIV से पीड़ित थे. उन्हें सारकॉइडोसिस नामक बीमारी थी, जिससे उनके फेफड़े और लीवर बुरी तरह प्रभावित हो गए थे. वर्ष 2021 में लेगियोनेर्स डिजीज होने के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई. वे लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे. अब ट्रांसप्लांट के कुछ महीने बाद वे बिना किसी सहारे के सांस ले पा रहे हैं और स्वस्थ हो रहे हैं.

इसी ऑपरेशन में नेल्सन को लीवर का ट्रांसप्लांट भी किया गया. डोनर एक HIV पॉजिटिव मृत व्यक्ति थे. इससे पहले HIV पॉजिटिव मरीज HIV नेगेटिव डोनर के अंग ही ले पाते थे. HIV पॉजिटिव अंगों का उपयोग नहीं होता था. इस सफलता के बाद अब HIV संक्रमित लोगों के अंगों का भी उपयोग किया जा सकेगा.

HOPE Act के तहत हुआ यह ट्रांसप्लांट

यह ट्रांसप्लांट अमेरिका के HIV Organ Policy Equity (HOPE) Act के अंतर्गत किया गया. इस कानून के तहत HIV पॉजिटिव डोनर के अंगों को HIV पॉजिटिव रिसीवर को दिया जा सकता है. पूरी प्रक्रिया सख्त निगरानी में की जाती है. NYU Langone Transplant Institute की क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. सपना मेहता ने कहा- 'यह HIV संक्रमित समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. इससे अंग प्रत्यारोपण में समानता बढ़ेगी.'

क्यों है यह उपलब्धि महत्वपूर्ण?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वर्ष 2023 के अंत तक दुनिया भर में लगभग 3.99 करोड़ लोग HIV से प्रभावित थे. आधुनिक दवाओं (ART) की वजह से HIV वाले लोग अब लंबी और सामान्य जिंदगी जी सकते हैं. लेकिन उनमें भी अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जिनके लिए अंग ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है. अंगों की कमी एक बड़ी समस्या है. HIV पॉजिटिव डोनर के अंगों का उपयोग करने से डोनर पूल काफी बढ़ जाएगा. इससे HIV मरीजों का इंतजार कम होगा और ज्यादा लोगों की जान बच सकेगी.